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Maharashtra : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनते ही टूटेगी परिवार की ये परंपरा, बाला साहब ठाकरे ने बनायी थी

महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनेंगे। तीनों पार्टियों ने विधायक दल की बैठक के बाद गठबंधन का नेता नियुक्त किया है। अब उनके मुख्यमंत्री बनते ही ठाकरे परिवार की यह परंपरा हमेशा के लिए टूट जाएगी।

बीजेपी नेता ने किया दावा, महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ मिलाएंगे हाथ
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उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर आज बड़ा उलटफेर हुआ है। एनसीपी नेता अजित पवार के साथ बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर शनिवार को सरकार बनाई। सुबह के समय ही देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। लेकिन चंद दिन बाद ही देवेंद्र फडणवीस सरकार गिर गई। क्योंकि बीजेपी के साथ आए एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। कहा कि उनके पास बहुमत नहीं है। इसके बाद राजभवन जाकर उन्हेंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। अब राज्य में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएंगे।

महाराष्ट्र में अब गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे होंगे। महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनेंगे। तीनों पार्टियों ने विधायक दल की बैठक के बाद गठबंधन का नेता नियुक्त किया है। अब उनके मुख्यमंत्री बनते ही ठाकरे परिवार की यह परंपरा हमेशा के लिए टूट जाएगी। उद्धव ठाकरे सीएम बनते है तो वह ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य होंगे जो मुख्यमंत्री बन रहे हैं। शिवसेना की 53 साल से चली आ रही परंपरा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान ही टूट जाएगी।

बाल ठाकरे ने किया था बड़ा ऐलान

वर्ष 1966 में बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र में शिव सेना के नाम से एक कट्टर हिन्दूराष्ट्र वादी संगठन की स्थापना की। शुरुआत में बाल ठाकरे को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी लेकिन उन्हें शिवसेना पार्टी को सत्ता की ऊंचाई पर चढ़ा दिया था। वर्ष 1995 में महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना ने मिलकर अपनी सरकार बनाई। लेकिन उस दौरान भी ठाकरे परिवार से कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ा था और न ही किसी पद पर असीन हुआ था। बाल ठाकरे ने कहा था कि उनके परिवार का कोई सदस्य कभी चुनाव नहीं लड़ेगा। इसके अलावा सरकार में कोई जिम्मेदारी भी नहीं लेगा। लेकिन बाल ठाकरे की यह परंपरा उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनते ही टूट जाएगी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि आदित्य ठाकरे के चुनाव लड़ते ही परंपरा टूट गई थी।

राज ठाकरे ने जिंदा रखी परंपरा

बाल ठाकरे पर उद्धव ठाकरे को अधिक महत्व देने के आरोप लगे। इसके कारण उनके भतीजे राज ठाकरे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्टी को छोड़कर 2006 में नई पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बना ली। बाल ठाकरे ने जब शिवसेना पार्टी की स्थापना थी उस दौरान उन्हेंने यह कहा था कि ठाकरे परिवार को कोई भी सदस्य न तो चुनाव लड़ेगा और न ही किसी पद पर असीन होगा। इस परंपरा को उनके भतीजे राज ठाकरे ने जिंदा रखा। अभी तक उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा।

2004 में उद्धव ठाकरे ने संभाली शिवसेना

महाराष्ट्र में 27 जुलाई 1960 को जन्में उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के बेटे हैं। उद्धव ठाकरे वर्तमान में शिवसेना के चीफ हैं। उनके पिता बाल ठाकरे ने पार्टी की जिम्मेदारी 2004 में सौंपी थी। अब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।

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