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क्रिकेटरों के ट्वीट से नहीं सुधरेगी भारत की वैश्विक छवि, शशि थरूर ने बताया समाधान

कांग्रेस ने शशि थरूर ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत सरकार के लिए भारतीय सेलेब्रिटीज से वेस्टर्न हस्तियों पर पलटवार कराना शर्मनाक है।

क्रिकेटरों के ट्वीट से नहीं सुधरेगी भारत की वैश्विक छवि, शशि थरूर ने बताया समाधान
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कांग्रेस नेता शशि थरूर

भारत में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन पर अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना और अन्य इंटरनेशनल सेलेब्रिटीज के बयान पर विवाद जारी है। जिसके बाद अब भारत में इंटरनेशनल सेलेब्रिटीज को जवाब देने के लिए #IndiaTogether ट्रेंड चलाया गया है। इस ट्रेंड के साथ भारतीय क्रिकेटर्स और फिल्मी कलाकारों ने ट्वीट किया है। क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली का नाम भी शामिल है।

लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर को क्रिकेटरों का ट्वीट रास नहीं आया है। कांग्रेस ने शशि थरूर ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत सरकार के लिए भारतीय सेलेब्रिटीज से वेस्टर्न हस्तियों पर पलटवार कराना शर्मनाक है। भारत सरकार के अड़ियल और अलोकतांत्रितक व्यवहार से भारत की वैश्विक छवि को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई क्रिकेटरों के ट्वीट से नहीं की जा सकती है। इसलिए कानून वापस लीजिए और समाधान पर किसानों के साथ बातचीत कीजिए। तभी आप #IndiaTogether पाएंगे।

संसद के दोनों सदनों में हंगामा

जानकारी के लिए आपको बता दें कि नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के खिलाफ किसानों का आंदोलन 71 दिन से जारी है। दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान डटे हुये है। वहीं किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुये दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा इंतजाम कर रखा है। वहीं, सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षाबल की तैनाती जारी है। संसद के दोनों सदनों में भी कृषि कानूनों को लेकर हंगामा जारी है।

विपक्षी दलों के नेता मुलाकत के बिना लौटे

वहीं आज किसानों से मिलने के लिए कई विपक्षी दलों के नेता गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें किसानों से मिलने की अनुमति नहीं दी, इसलिए विपक्षी दलों के नेताओं के वापस लौटना पड़ा। किसानों के मिलने जानें के दौरान हरसिमरत कौर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि हम आठ-दस पार्टियां किसानों से मिलने गाज़ीपुर बॉर्डर जा रही हैं जहां पर किले, 13 लेवल की बैरिकेडिंग की गई है, इतना तो हिंदुस्तान के अंदर पाकिस्तान बॉर्डर पर भी नहीं है। हमें संसद में भी इस मुद्दे को उठाने का मौका नहीं दिया जा रहा है जो कि सबसे अहम मुद्दा है।

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