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सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई 'सरवणा भवन' के मालिक पी. राजगोपाल की याचिका, तत्काल सरेंडर का आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को साउथ इंडियन फूड चेन 'सरवणा भवन' के संस्थापक पी. राजगोपाल की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा के लिए चिकित्सा आधार पर अधिक समय देने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई सरवणा भवन के मालिक पी राजगोपाल की याचिका, तत्काल सरेंडर का आदेशSC declined to entertain plea of South Indian food chain Sarvana Bhawan owner P Rajagopal

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को साउथ इंडियन फूड चेन 'सरवणा भवन' के संस्थापक पी. राजगोपाल की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा के लिए चिकित्सा आधार पर अधिक समय देने की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजगोपाल की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में अपील की सुनवाई के दौरान उनकी बीमारी को अदालत के समक्ष नहीं उठाया गया था।

बता दें कि राजगोपाल को साल 2001 में अपने कर्मचारी की हत्या को दोषी ठहराया जा चुका है। राजगोपाल ने कर्मचारी की पत्नी से शादी करने के लिए हत्या कर डाली थी। शीर्ष कोर्ट ने राजगोपाल को 7 जुलाई तक सरेंडर करने का समय दिया था। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला मद्रास हाईकोर्ट की ओर से उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखने के फैसले पर आया।

मद्रास उच्च न्यायालय ने एक निचली अदालत की ओर से दी गई दस वर्ष की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में बदल दिया था। सरवणा भव होटल चेन भारत और विदेश में भी काफी लोकप्रिय है। इसका प्रबंधन अब शिवकुमार देखते हैं। राजगोपाल को अपने कर्मचारी प्रिंस शांताकुमार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राजगोपाल, शांताकुमार की पत्नी से शादी करना चाहता था।

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