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Sardar Patel Jayanti 2020: जानें कैसे छोटे से घर में रहते हुए सरदार पटेल ने बारडोली सत्याग्रह को जीता

Sardar Patel Jayanti 2020: सरदार के सत्याग्रह आंदोलन के साथी स्वतंत्रता सेनानी बताते हैं कि सन् 1923 में सरदार पटेल पहली बार बारडोली आए और यही पर रहते हुये किसान आंदोलन से जुड़ गए। बारडोली में ही सरदार पटेल ने तीन कमरों का घर बनाया। इसी घर से आंदोलन के लिए किसानों को दिशानिर्देश जारी करते थे।

Sardar Patel Jayanti 2020: जानिये कैसे छोटे से घर में रहते हुये सरदार पटेल ने बारडोली सत्याग्रह को जीता
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सरदार पटेल ने बारडोली सत्याग्रह को जीता

Sardar Patel Jayanti 2020: देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की कल पूरे भारत में जयंती मनाई जाएगी। गुजरात के नडियाद में सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में हुआ था। उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। सरदार पटेल का जन्मदिन उत्साह से मनाया जाता है। वैसे तो सरदार पटेल ने अपनी जिंदगी में भारत को आजाद और देश के लोगों के लिए बहुत बड़े-बड़े काम किये थे।

परंतु उनको पहचान बारडोली सत्याग्रह आंदोलन से मिली। यह बारडोली गांव सरदार पटेल की कर्मभूमि मानी जाती है। उन्होंने यही रहकर बारडोली सत्याग्रह किया था जो कि किसानों के लिए बहुत बड़ा आंदोलन साबित हुआ था। सरदार के सत्याग्रह आंदोलन के साथी स्वतंत्रता सेनानी बताते हैं कि सन् 1923 में सरदार पटेल पहली बार बारडोली आए और यही पर रहते हुये किसान आंदोलन से जुड़ गए। बारडोली में ही सरदार पटेल ने तीन कमरों का घर बनाया।

इसी घर से आंदोलन के लिए किसानों को दिशानिर्देश जारी करते थे। इस घर के आगे एक बगीचा भी है जिसमें कभी-कभी सरदार पटेल किसानों के साथ बैठकर चाय पिया करते थे। ऐसा भी कहा जाता है कि जब कभी गांधी जी बारडोली गांव में आते थे तो वह भी इसी कमरे में रूकते थे। 1928 में अंग्रेजी हुकुमत ने बारडोली के किसानों के लगान में 30 प्रतिशत की वृद्धि कर दी थी। इसके बाद वल्लभ भाई पटेल ने इस नीति का जमकर विरोध किया।

पटेल के विरोध को अंग्रेजी हुकुमत सह नहीं सकी और किसानों की मांगे मानने पर मजबूर हो गई। जिसके बाद से 30 फीसदी लगान को घटा कर वापिस 6 प्रतिशत पर कर दिया गया। इस आंदोलन के बाद से ही वल्लभ भाई पटेल गरीबों और किसानों में लोकप्रिय हो गये थे। जिसके बाद उनको वहां की औरतों ने सरदार की उपाधि दी। आपको बता दें कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के इस आवास में आज आश्रम, कन्या विद्यालय, छात्रालय, बगीचा और म्यूजियम बना हुआ है।

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