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महाराष्ट्र सरकार औरंगाबाद का नाम बदलकर करेगी 'संभाजीनगर', संजय राउत बोले- कांग्रेस का विरोध MVA को नहीं करेगा प्रभावित

शिवसेना नेता संजय राउत ने विश्वास जताया है कि इस मुद्दे को हल किया जाएगा। जब सभी महा विकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगी, शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एक साथ बैठकर बात करेंगे।

महाराष्ट्र सरकार औरंगाबाद का नाम बदलकर करेगी संभाजीनगर, संजय राउत बोले- कांग्रेस का विरोध MVA को नहीं करेगा प्रभावित
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संजय राउत, फोटो फाइल

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने दो दिन पहले कहा है कि उनकी पार्टी औरंगाबाद को संभाजीनगर का नाम बदलने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करेगी। अब शिवसेना ने शनिवार को कहा है कि इसका प्रतिरोध राज्य में तीनों पार्टियों की महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार को प्रभावित नहीं करेगा।

शिवसेना नेता संजय राउत ने विश्वास जताया है कि इस मुद्दे को हल किया जाएगा। जब सभी महा विकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगी, शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एक साथ बैठकर बात करेंगे।

बता दें कि बीते गुरुवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने कहा था कि उनकी पार्टी औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर किये जाने के किसी भी प्रस्ताव का विरोध करेगी। स्थानों का नाम बदलना तीनों सत्तारूढ़ दलों के साझा न्यूनतम कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है।

यह शिवसेना थी, जिसने दो दशक पहले औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने की मांग की थी। इस बारे में जून 1995 में औरंगाबाद नगर निगम (एएमसी) की आम सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे कांग्रेस के एक पार्षद ने हाईकोर्ट में और बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में कहा है कि कांग्रेस ने औरंगाबाद को संभाजीनगर का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध किया है। जिस वजह से भारतीय जनता पार्टी खुश हो गई है। लेकिन प्रस्ताव के लिए कांग्रेस का विरोध नया नहीं है और इसलिए इसे महा विकास आघाडी सरकार से जोड़ना मूर्खता है।

भले ही सरकारी रिकॉर्ड में नाम नहीं बदला गया हो, लेकिन शिवसेना सुप्रीमो दिवंगत बाला साहेब ठाकरे ने राज्य में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहते हुए औरंगाबाद को संभाजीनगर का नाम दिया था। लोगों ने इसे स्वीकार भी किया था।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, शिवसेना ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि औरंगाबाद का नाम बदलने के मुद्दे से सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मतभेद पैदा होंगे। थोराट ने घोषणा की कि अगर औरंगाबाद का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव महा विकास आघाडी सरकार के सामने आता है, तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।

यह उसका दावा है। उनके बयान के बाद, भाजपा नेताओं ने मांग करना शुरू कर दिया कि सेना को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। लेकिन शिवसेना ने इस पर अपना रुख नहीं बदला है। बाला साहेब ठाकरे ने 30 साल पहले औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखा था, जिसे लोगों ने स्वीकार कर लिया था। और इसे जल्द ही आधिकारिक तौर पर भी बदल दिया जाएगा।

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