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Sanjay Gandhi : इंदिरा का छोटा बेटा जो बिना कॉलेज गए बना पायलट, पढ़िए संजय गांधी से जुड़ी 5 खास बातें

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे और कांग्रेस नेता संजय गांधी की 14 दिसंबर को 73वीं जयंती है। संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई थी।

जानें इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की जिंदगी से जुड़े ये 5 खास बातें
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संजय गांधी और इंदिरा गांधी

दिवंगत कांग्रेस नेता संजय गांधी की शनिवार यानि 14 दिसंबर को 73वीं जयंती मनाई जाएगी। संजय गांधी की प्लेन दुर्घटना में मौत होने के बाद केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी और 3 साल के वरुण गांधी ने तब इंदिरा गांधी परिवार को छोड़ दिया था। हर साल उनकी जंयती के मौके पर शांति वन में परिवार की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

कांग्रेस परिवार के सबसे छोटे शहजादे संजय गांधी का जन्म 14 दिसंबर 1946 को हुआ था और वह भारतीय राजनीतिक में अपना एक अहम प्रभाव रखते थे। लेकिन 23 जून 1980 को एक प्लेन दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...


संजय गांधी के बारे में कुछ खास बातें....

1. संजय गांधी ने देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई की लेकिन उसके बाद पढ़ाई में मन नहीं लगा तो कभी कॉलेज ही नहीं गए। कॉलेज गए बिना ही वह पायलट बन गए थे। हालांकि उन्होंने ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और रोल्स-रॉयस के साथ इंग्लैंड में ट्रेनिंग की, उन्हें प्लेन उड़ाने का बहुत शौक था। स्पोर्ट्स कारों में भी बहुत दिलचस्पी थी।

2. देश में मारुति कारों का दौर संजय गांधी की देन थी। उन्होंने मारुति उद्योग की स्थापना की। कहते हैं कि इस दौरान उनके ऊपर कई तरह के आरोप लगे लेकिन उन्होंने इनकी परवाह किए बिना ही आगे बढ़ते चले गए।

3. एक दशक था जब कांग्रेस में संजय गांधी के सबसे करीबियों में कमलनाथ और जगदीश टाइटलर को माना जाता था। जब भी कभी संजय के बयानों को बचाव करना होता था तो जगदीश टाइटलर हमेशा सामने आ जाते। मारुति की स्थापना के दौरान टाइ0टलर ने खूब समर्थन किया था।

4. इंदिरा गांधी के सबसे छोटे बेटे संजय गांधी युवा कांग्रेस को फिर से संगठित करने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार थे। आपातकाल के दौरान संजय गांधी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

5. कहा जाता है कि संजय इतने होशियार थे कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल के दौरान कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय नेताओं में वो सबसे कम उम्र में ऊपर पहुंच गए थे। वो जन्मजात नेता थे। लेकिन युवा कांग्रेस के लिए संजय गांधी अंतिम चेहरा भी थे।

लेकिन 23 जून 1980 को, संजय की दिल्ली में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वरुण तब सिर्फ तीन महीने के ही था। एक साल बाद मेनका और इंदिरा के रिश्तों में खटास आ गई। जल्द ही मेनका और वरुण ने प्रधानमंत्री आवास छोड़ दिया। मेनका अब पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में महिला और बाल विकास के लिए भारतीय केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करती हैं।

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