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Trending : क्यों ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं 1971 के हीरो सैम मानेकशॉ? जानें यहां...

सैम मानेकशॉ, भारत के रियल हीरो जिन्होंने 1971 के लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को नाक से चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था। साल 1971 की लड़ाई में सैम मानेकशॉ भारतीय सेना के जनरल थे। जिन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली लोगों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

Trending : क्यों ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं 1971 के हीरो सैम मानेकशॉ? जानें यहां...
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Sam Manekshaw death anniversary Meghna Gulzar announces Vicky Kaushal play his role

सैम मानेकशॉ (Sam Manisha), भारत के रियल हीरो जिन्होंने 1971 की (1971 India Pakistan War) लड़ाई में पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को नाक से चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था। साल 1971 की लड़ाई (India Pakistan 1971 War) में सैम मानेक शा (Sam Manekshaw) भारतीय सेना के जनरल (General Of Indian Army) थे। जिन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (East Pakistan) में बंगाली लोगों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। वे भारत के पहले आर्मी ऑफिसर थे जिन्हें फिल्ड मार्शल (Field Marshal) के रैंक से सम्मानित किया गया था। बता दें कि इस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था।

अब आते हैं मुद्दे पर, मानेकशॉ आज यानी गुरूवार को दिन भर ट्विटर पर ट्रे्ंड (#ManekShaw) कर रहे थे। उनकी चर्चा इसलिए है क्योंकि उनके ऊपर बॉलीवुड बायोपिक फिल्म सैम (Sam) बनाने जा रहा है। फिल्म का फर्स्ट लुक यानी पोस्टर गुरूवार को आ गया है जिसमें विकी कौशल (Vicky Kaushal) मु्ख्य किरदार में हैं। बता दें कि मानेक शा आज के ही दिन दुनिया को अलविदा (Manek Shaw Death Anniversary) कहे थे।

फिल्म निर्माता मेघा गुलजार (Megha Gulzar) ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि फिल्म उनके जीवन पर आधारित होगी, लेकिन यह जरूरी नहीं कि एक बायोपिक होगी। उन्होंने कहा कि वे उनके जीवन को, उनको और उस दौर को देख रही हैं। वहीं फिल्म अभिनेता विकी कौशल (Bollywood Actor Vicky Kaushal) ने ट्विटर पर कहा कि मानेकशॉ की भूमिका निभाने के लिए वह 'सम्मानित और गौरवान्वित' हैं।

जनरल मानेकशॉ कौन थे?

उनका जन्म 1914 में ब्रिटिश भारत में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में की थी। चार दशक और पांच युद्धों तक चले सैन्य करियर के बाद साल 2008 में मानेकशॉ ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मानेकशॉ को लोग सैम द ब्रेव भी कहते थे। जिसका हिंदी में अर्थ है सैम बहादुर।

इन पुरस्कारों से किया गया है सम्मानित

मानेकशॉ को पद्म विभूषण और पद्म भूषण जैसे नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया है। फिल्म प्रोडक्शन आरएसवीपी (RSVP Production) के मालिक रोनी सरेसवाला का कहना है कि सैम मानेकशॉ भारतीय इतिहास के सबसे महानतम सैनिकों में से एक थे। जिनके योगदान को देशवासी कभी नहीं भूलेंगे। बता दें कि फिल्म प्रोडक्शन आरएसवीपी ही मानेकशॉ पर फिल्म बना रही है।

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