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कांग्रेस की किसान पंचायत से पहले सहारनपुर पहुंचे भाजपा मंत्री सूर्य प्रताप, सोनिया गांधी, प्रियंका और राहुल के लिए कही ये बड़ी बात...

भाजपा के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सहारनपुर पहुंचकर पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से कृषि सुधारों के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कृषि सुधारों की दिशा में काम करना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ क्या बड़ी बात कही, इस रिपोर्ट में पढ़िये...

कांग्रेस की किसान पंचायत से पहले सहारनपुर पहुंचे भाजपा मंत्री सूर्य प्रताप, सोनिया गांधी, प्रियंका और राहुल के लिए कही ये बड़ी बात...
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भाजपा मंत्री सूर्य प्रताप शाही। 

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की सहारनपुर के चिलकाना में प्रस्तावित किसान पंचायत (Kisan Panchayat) शुरू होने से पहले ही सियासत गरमा गई है। किसान पंचायत शुरू होने से पहले ही सहारनपुर (Saharanpur) पहुंचे भाजपा के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कांग्रेस (Congress) पर कृषि सुधारों को लेकर हमेशा अड़चन डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। इतना ही नहीं, भाजपा मंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही पंचायतों को राजनीतिक पंचायतों की संज्ञा देते हुए दावा किया कि एक दो राज्यों को छोड़कर देशभर के किसान केंद्र सरकार के साथ खड़े हैं।

सहारनपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री, वाणिज्य मंत्री और राज्यमंत्री की ओर से किसान नेताओं के साथ 12 राउंड बातचीत की गई। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर (Narendra Tomar) ने राज्यसभा में भी पूछा कि आखिर कानून में काला क्या है, आप बता दीजिए। कृषि कानून के खिलाफ बाहर रैलियां करने वाले राजनीतिक दलों के लोग संसद के भीतर एक शब्द नहीं बोले कि आखिर इस कानून में खामी क्या है।

सूर्य प्रताप ने कहा कि कृषि मंत्री ने संसद में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा था कि अगर पहले के कानून बेहतर थे तो किसान आत्महत्या क्यों कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कृषि सुधार की दिशा में काम करना चाहते थे, लेकिन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने किसानों के हित में फैसले लेने नहीं दिए। हमने तो देखा है कि संसद के भीतर कैसे उनके दस्तावेज फाड़ दिए गए थे।

किसानों के नाम पर हो रही राजनीतिक महापंचायतें

कांग्रेस की सहारनपुर में किसान पंचायत के संबंध में पूछे गए सवाल पर सूर्य प्रताप ने कहा कि ये बेअसर है, ये राजनीतिक पंचायतें हो रही हैं। वे ऐसा कर रहे हैं, करते रहें। किसानों को दुरगामी फायदे पहुंचाने के लिए जो कदम उठाए जा सकते हैं, हमने उठाए हैं और आगे भी उठाएंगे। हमने जो सिस्टम खडा किया है, उससे किसान प्रसन्न हैं। जब पूछा गया कि क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब तक सभी महापंचायतें राजनीतिक थी तो बोले, 'पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने कहा था कि जो लोग मुझे सुनने आते हैँ अगर वो मुझे वोट दे देते तो मैं चुनाव न हारा होता।'

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

भाजपा मंत्री सूर्य प्रताप ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर भी निशाना साधा। अखिलेश यादव की ओर से कृषि आंदोलन पर दिए गए एक बयान के जवाब में सूर्य प्रताप ने कहा कि किसानों ने तो अखिलेश को रिजेक्ट कर दिया है। पांच साल वे (अखिलेश यादव) मुख्यमंत्री रहे, पांच बार उनके पिता (मुलायम सिंह यादव) मुख्यमंत्री रहे, उनका जनता ने रिजेक्शन कर दिया। किसानों का बहुमत तो नरेंद्र मोदी के साथ है। उनके दिए अधिकार की वजह से ही संसद के अंदर बैठे हैं। कृषि कानून विधयेक आने के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुआ है, वहां भी इन राजनीतिक दलों की हार हुई है। उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानून को लेकर कोई सुझाव देता है, बातचीत करता है या हमें समझा देता है कि यह गलत है तो अवश्य उसकी बात सुनी जाएगी।

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