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खून भरी मांग: क्यों कातिल बनी अपूर्वा, अपने ही हाथों उजाड़ दिया अपना सुहाग- जानें उस रात की काली कहानी...

Rohit Shekhar Tiwari Wife Apoorva Shukla Tiwari Story : दिवंगत पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी के कत्ल की कहानी थोड़ी फिल्मी है, लेकिन हकीकत यही है कि इसमें रोहित का सच में कत्ल हुआ। हैरान करने वाली बात ये है कि रोहित तिवारी का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उनकी ही पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी ने किया। अपूर्वा ने पुलिस के सामने अपना जुर्म खुद कबूला, लेकिन हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर शादी के महज दस महीनों में ऐसा क्या हुआ था कि दोनों बीच नफरत की दीवार खड़ी हो गई। आइये हम बताते हैं रोहित शेखर तिवारी-अपूर्वा शुक्ला तिवारी की पूरी कहानी...

खून भरी मांग: क्यों कातिल बनी अपूर्वा, अपने ही हाथों उजाड़ दिया अपना सुहाग- जानें उस रात की काली कहानी...
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Rohit Shekhar Tiwari Wife Apoorva Shukla Tiwari Story : दिवंगत पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी के कत्ल की कहानी थोड़ी फिल्मी है, लेकिन हकीकत यही है कि इसमें रोहित का सच में कत्ल हुआ। हैरान करने वाली बात ये है कि रोहित तिवारी का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उनकी ही पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी ने किया। अपूर्वा ने पुलिस के सामने अपना जुर्म खुद कबूला, लेकिन हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर शादी के महज दस महीनों में ऐसा क्या हुआ था कि दोनों बीच नफरत की दीवार खड़ी हो गई। आइये हम बताते हैं रोहित शेखर तिवारी-अपूर्वा शुक्ला तिवारी की पूरी कहानी...


बात 2017 की है जब रोहित ने एक मेट्रोमोनियल साइट पर अपूर्वा शुक्ला का प्रोफाइल देखा। रोहित ने अपूर्वा के बार में अपनी मां उज्जवला को बताया और फिर दोनों ने मिलने का फैसला किया। रोहित को अपूर्वा से पहली नजर में प्यार हो गया और कुछ दिनों में ही दोनों एक-दूसरे का करीब आ गए और फिर दोनों एक साल तक लिव -इन में रहने के बाद 12 मई 2018 को रोहित और अपूर्वा शादी के बंधन में बंध गए। रोहित और अपूर्वा की शादी दिल्ली के फाइव स्टार होटल में हुई जिसमें देश के कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हुए। शादी से रोहित की मां उज्जवला बहुत खुश थी।

रोहित पत्नी अपूर्वा और मां उज्जवला के साथ दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में रहने के लिए आए, कुछ दिन तक सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब अपूर्वा को एक महिला के बारे में पता चला, जो रोहित के रिश्तेदार की पत्नी थी। अब कहानी बन गई पति-पत्नी और 'वो' की, जब इस 'वो' की एंट्री हुई, तब दोनों की बीच तल्खियां बढ़ने लगी। जो रिश्ता शहद की तरह मीठा था, वो धीरे-धीरे खटास में बदलने लगा। अब रोहित और अपूर्वा के संबंध अच्छे नहीं रहे। रोहित 'वो' के करीब होता रहा और अपूर्वा के मन में रोहित की जो छवि बनी हुई थी, वो धूमिल होती रही।

रोहित और अपूर्वा के बीच अक्सर कहासुनी होने लगी और फिर अपूर्वा 3 मार्च को अपने मायके इंदौर चली गई। एक महीने बाद अपूर्वा 30 मार्च को वापस डिफेंस कॉलोनी में रोहित के पास आ गई। इस बात की भनक जबतक मां उज्जवल को लगाती मामला तलाक तक पहुंच चुका था। मां ने बताया अपूर्वा लालची थी और अक्सर रोहित से अपने घरवालों के लिए एक घर की मांग करती थी। लेकिन मामला शांत करने के लिए चर्चा के बाद यह तय हुआ कि इस पर बातचीत जून माह में होगी। उत्तराखंड में चुनाव के चलते रोहित और मां उज्जवला को वोट डालने के लिए वहां जाना था।


पेंच यहां फंस गया कि रोहित अपनी महिला मित्र को भी साथ ले आया था, और अचानक अपूर्वा ने रोहित के मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल की। वीडियो में अपूर्वा को वो महिला मित्र दिख गई जिसमें रोहित उस वक्त महिला के साथ शराब पी रहा था। इस घटना के बाद अपूर्वा का गुस्सा सातवें आसमान चढ़ गया। दोनों के बीच कहासुनी हो गई और फिर रोहित 15 अप्रैल को अपनी मां और भाई के साथ वापस दिल्ली आ गया। रोहित खाना खा के सो गया और फिर एंट्री होती है अपूर्वा की, रात को एक बजे अपूर्वा ने रोहित को जगाया और उस महिला के बारे में पूछने लगी।

दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और मामला हाथापाई तक आ गया। रोहित नशे में था और अपूर्वा का गुस्सा सातवें आसमान पर। कहते हैं न कि गुस्सा ही इंसान का सबसे बड़ा शत्रु होता है, ठीक वैसा ही अपूर्वा के साथ हुआ। अपूर्वा ने ना चाहते हुए भी रोहित का गला तकिए से दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। रोहित का शरीर जब ठंडा पड़ गया तब अपूर्वा की सांसे फूलने लगी और वह वहीं बिस्तर पर बैठ गई। काफी बैचैनी के बाद अपूर्वा को ऐहसास हुआ कि उसने अपने हाथों से अपना सुहाग उजाड़ दिया। जब इस बात की भनक पुलिस को लगी तब पुलिस ने अपूर्वा को गिरफ्तार कर लिया।


अपूर्वा के लिए पत्र

इस बीच, पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि अपराध शाखा को इंदौर जिला बार एसोसिएशन का 22 अप्रैल को लिखा एक पत्र मिला है। इसमें पुलिस विभाग से अनुरोध किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और अपूर्वा को फंसाया ना जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि अपूर्वा को इसलिए फंसाया गया होगा क्योंकि तिवारी परिवार उसे अपनी जायदाद में कोई हिस्सा नहीं देना चाहता।


सूत्रों ने बताया कि हालांकि परिवार ने दावा किया कि यह पत्र अपूर्वा के पिता की ओर से लिखा गया है जो इंदौर में जाने-माने वकील हैं और बार एसोसिएशन में ऊंचे पद पर हैं। पुलिस ने तिवारी के डिफेंस कॉलोनी आवास के लैंडलाइन नंबर की जानकारियां मांगी है। उन्होंने अपूर्वा के नाखून के नमूने भी लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लड़ाई के दौरान तिवारी की त्वचा नाखूनों में फंसी थी या वहां कोई अन्य डीएनए मौजूद था।

हालांकि सूत्रों ने बताया कि कोई सुराग मिलने की संभावना कम है क्योंकि नमूने हत्या के कुछ दिनों बाद लिए गए। इस मामले की पहले छानबीन करने वाली दक्षिण जिला पुलिस ने तिवारी को मृत घोषित किए जाने के बाद 16 अप्रैल को कमरा सील कर दिया था। शुरुआत में ऐसा संदेह था कि उनकी मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, लेकिन पोस्टमार्टम में यह साफ हो गया कि उनकी तकिये से 'गला घोंटकर' हत्या की गई।

पुलिस ने बताया कि अपूर्वा देर रात करीब एक बजे तिवारी की हत्या करने के बाद कई बार कमरे में गई तो घटनास्थल के साथ छेड़छाड़ करने की संभावना बहुत अधिक है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसने बेडशीट और तकियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की होगी और सबूत नष्ट करने के लिए कमरा साफ करने की कोशिश की होगी। उनके अनुसार, अपूर्वा ने अपने हाथों से तिवारी का गला घोंटा और फिर तकिये का इस्तेमाल किया ताकि वह मदद के लिए ना चिल्ला सके।

उसने करीब 14 घंटे तक तिवारी की मौत की बात छिपाए रखी। अपूर्वा को बुधवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास ले जाया गया जहां पुलिस ने घटना का नाटकीय रूपांतरण किया। तिवारी के परिवार के सदस्यों को संदेह है कि हत्या से पहले अपूर्वा ने कथित तौर पर उसे नशा दिया। विसरा रिपोर्ट से ही यह पुष्टि हो पाएगी कि क्या उन्हें नशा दिया गया था या नहीं । बेडशीट, तकिये और तिवारी के कपड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।


पुलिस ने बताया कि तिवारी को जल्दी गुस्सा आ जाता था और शादी के एक साल में ही उनके बीच मामूली मुद्दों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस अधिकारी ने अपूर्वा की मनोचिकित्सा जांच की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया।वहीं रोहित शेखर तिवारी की मां उज्ज्वला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने अपने बेटे को अपूर्वा को लेकर चेताया था, लेकिन उसने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और उनके बेटे को मार कर अपूर्वा ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

उज्ज्वला ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही पिछले साल मई के आस-पास रोहित को छोड़कर जाने के बाद अपूर्वा ने रोहित को दो बार कानूनी नोटिस भेजा और वह अक्सर रोहित को 'मां का बेटा' कहती थी। उज्ज्वला ने कहा कि उसने रोहित को कानूनी नोटिस भेजकर धमकी दी थी कि अगर उसने अपूर्वा के साथ सुलह नहीं किया तो वह उसके खिलाफ फौजदारी या दीवानी कार्रवाई करेगी।




इन नोटिसों में वह निराधार आरोप लगाया करती और यह सब उस वक्त हुआ जब वह अस्पताल में भर्ती थीं। पिछले साल 12 सितंबर को रोहित की सर्जरी हुई थी और अगले दिन उज्ज्वला वकील वेदांत वर्मा के घर पर अपूर्वा से मिलने वाली थीं। लेकिन जब वह अपूर्वा का इंतजार कर रही थीं, तब रोहित ने उन्हें बताया कि उसने पत्नी के साथ सुलह कर ली है।

75 वर्षीय उज्ज्वला ने कहा कि रोहित ने अपूर्वा से सुलह इसलिए की कि वह चाहता था कि उसके पिता (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी) की अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि उसने मुझसे कहा कि हमारे परिवार में काफी विवाद हुए हैं अगर मैं पत्नी से अलग होता हूं तो इससे और अधिक विवाद होगा। मैं उसे जून तक का समय देता हूं, शायद वह बदल जाये।

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