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गणतंत्र दिवस समारोह अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा, जानिए क्या है इसके पीछा का कारण

बता दें कि इससे पहले सरकार ने सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) की जयंती (Jayanti) को पराक्रम दिवस (paraakram divas) के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।

गणतंत्र दिवस समारोह अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा, जानिए क्या है इसके पीछा का कारण
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Republic Day 2022: गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा। क्योंकि मोदी सरकार (Modi Govt) ने यह फैसला सुभाष चंद्र बोस की जयंती को गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह के जश्न में शामिल करने को लेकर लिया है। इस बात की जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी है। बता दें कि इससे पहले सरकार ने सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) की जयंती (Jayanti) को पराक्रम दिवस (paraakram divas) के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।

सूत्रों के मुताबिक, अन्य दिवस जो हर साल मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उनमें 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती), 15 नवंबर जनजातीय दिवस (बिरसा मुंडा जंयती), 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस (सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों की याद में) आदि शामिल हैं। बता दें कि आज पीएम मोदी ने कहा कि अब 16 जनवरी का दिन स्टार्टअप दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक शहर में जन्में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था। सुभाष चन्द्र बोस के पिता जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे। पहले जानकीनाथ सरकारी वकील थे। लेकिन बाद में उन्होंने निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। सुभास चंद्र बोस ने अच्छी शिक्षा हासिल की थी। इन्होंने कलकत्ता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। साल 1919 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए इंग्लैंड पढ़ने गए थे।

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