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बिहार के आसमान के ऊपर जल्द उड़ते नजर आएंगे राफेल, सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनायी ये योजना

भारतीय वायु सेना के तीन अड्डे बिहार के बिहटा, पूर्णिया और दरभंगा में मौजूद हैं। इन अड्डों का उपयोग अभ्यास और संचालन के साथ राज्य में आने वाली आपदा के समय भी किया जाता है। वर्तमान में चीन के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार के इन तीन एयरपोर्ट का महत्व बढ़ गया है। क्योंकि बिहार की सीमा नेपाल से लगती है। पूर्णिया, बिहटा या दरभंगा से पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की आकाशीय निगरानी और सुरक्षा आसानी से की जा सकती है।

बिहार के आसमान के ऊपर जल्द उड़ते नजर आएंगे राफेल, सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनायी ये योजना
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चीन से बढ़ते विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सारण लोकसभा सीट से सांसद राजीव प्रताप रूडी ने भारत की आकाशीय सीमा की सुरक्षा के मद्देनजर बिहार के तीन वायु सेना केंद्रों बिहटा, दरभंगा और पूर्णिया में अत्याधुनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों की तैनाती को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर आधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती, सामरिक रूप से भारत को चीन के मुकाबले मजबूती प्रदान करेगी।

भारत चीन सीमा पर जिस तरह आए दिन तनाव पैदा हो रहा है, उसे देखते हुए इन केंद्रों पर निर्भरता बढ़ाई जानी चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री रूड़ी ने पिछले दिनों रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए बिहार के तीनों केंद्रों पर राफेल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात किए जाने की आवश्यकता बताई थी। उल्लेखनीय है कि सन 2019 में आई बाढ़ के समय दरभंगा में वायु सेना के हवाई अड्डे को दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में सहायता और आपदा राहत पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

राफेल लड़ाकू विमान के बिहार में स्क्वाड्रन की मांग

राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर एक पत्र सौपा था, जिसमें राफेल लड़ाकू विमान के बिहार में स्क्वाड्रन की मांग थी। रूडी ने बताया कि रक्षा मंत्री ने कहा है कि वायु सेना के अति आधुनिक चिनूक हेलिकॉप्टर सहित लड़ाकू विमानों व अन्य वायु सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थाई तैनाती पर विचार किया जा सकता है। यानी निकट भविष्य में लड़ाकू विमान और चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर भी बिहार के आसमान में उड़ते दिख सकते हैं।

नेपाल के जरिए भी हो सकती है चीन की साजिश

भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बिहार की सीमा नेपाल से लगती है। इसमें पूर्णिया, बिहटा या दरभंगा से पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की आकाशीय निगरानी और सुरक्षा आसानी से की जा सकती है। इसलिए आसमान के सीमा की सुरक्षा के लिए बिहार के तीन वायु सेना केंद्रों बिहटा, दरभंगा या पूर्णिया के एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों की तैनाती आवश्यक है। रूडी ने बताया कि उन्होंने पिछले साल 25 अक्तूबर 2019 को उत्तर पूर्व की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण बिहार में लड़ाकू, परिवहन विमान और हेलिकॉप्टरों के ठिकानों की स्थायी स्थापना करने की मांग की थी।

सामरिक किलेबंदी से दिया जा सकता है चीन की चुनौती का जवाब

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में जिस तरह से चीन के साथ सीमा पर तनाव बढ़ा है और इसके साथ ही नेपाल से संबंधों में खटास पैदा हुई है, उसे देखते हुए हमें अब चीन और नेपाल से लगती सीमा पर नए सिरे से सैन्य रणनीति तय करनी चाहिए। हाल के दिनों में दोनों देशों के संबंधों ने िजस तरह से तनावपूर्ण हुए हैं, उसे देखते हुए हमें अपनी सैन्य तैयारियों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। एक बेहतर सामरिक रणनीति के साथ ही चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की नीतियों का मुकाबला किया जा सकता है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्वीकार किया है कि इस लिहाज से देश के पूर्वी भाग में नए ठिकाने विकसित करना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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