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Pravasi Divas : प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत कब हुई, जानें क्या है इतिहास

Pravasi Divas : भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और हमेशा के लिए भारतीयों के जीवन को बदल के रूप में चुना गया था।

Pravasi Bharatiya Divas : प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत कब हुई, जानें क्या है इतिहासप्रवासी भारतीय दिवस 2020

Pravasi Divas : प्रवासी भारतीय दिवस देश के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने के लिए प्रति वर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। 9 जनवरी 1915 को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मान्यता दी गई।

क्योंकि इस दिन का बहुत महत्व है। इस दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और हमेशा के लिए भारतीयों के जीवन को बदल के रूप में चुना गया था। यह दिन हर साल प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas) सम्मेलन के रूप में मनाया जाता है।

प्रवासी भारतीय दिवस का इतिहास (Pravasi Bharatiya Divas History)

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) को मनाने की शुरुआत 9 जनवरी 2003 में हुई थी। क्योंकि 9 जनवरी को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौटे थे। महात्मा गांधी को भारत का सबसे बड़ा प्रवासी माना जाता है। 18वीं शताब्दी में गुजराती कारोबारी व्‍यापारी केन्‍या, युगांडा, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे। वहीं महात्मा गांधी एक कारोबारी दादा अब्‍दुल्‍ला सेठ के कानूनी प्रतिनिधि के रूप में वर्ष 1893 में दक्षिण अफ्रीका के नटाल प्रांत में पहुंचे थे।

महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति के खिलाफ संघर्ष किया। साथ ही उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय के सम्‍मान के लिए भी संघर्ष किया। गांधी जी अहिंसा और सत्‍याग्रह जैसे विरोध के पूर्णतः नये और अनजान तरीकों से अपने मिशन में कामयाब हुए। महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटे थे। महात्मा गांधी के 22 साल के संघर्षमय प्रवास से प्रेरणा लेकर इस दिवस को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।


प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का उद्देश्य (Pravasi Bharatiya Divas Celebration Purpose)

* प्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, भावना की अभिव्यक्ति।

* देश के लोगों के साथ सकारात्मक चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।

* दुनिया के सभी देशों में प्रवासी भारतीयों का नेटवर्क (Network) बनाना है।

* युवा पीढ़ी (Young Generation) को प्रवासियों से जोड़ना है।

* विदेशों में रह रहे भारतीय मजदूरों की परेशानियों को जानना और उन परेशानियों को दूर करने का प्रयास करना।

* भारत के प्रति प्रवासियों को आकर्षित करना।

* निवेश के अवसरों (Occasions) को बढ़ाना।

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