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असम में पीएम मोदी बोले- देश की पहली सुबह पूर्वोत्तर से होती है, हमारी चाय को बदनाम करने के लिए विदेशों में साजिश

पीएम मोदी ने सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में 'असोम माला' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले महीने मैं असम में आकर गरीब, पीड़ित, शोषित लोगों को जमीन के पट्टों के वितरण कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मुझे सौभाग्य मिला था। तब मैंने कहा था कि असम के लोगों का स्नेह और आपका प्रेम इतना गहरा है कि वो मुझे बार-बार असम ले आता है।

असम में पीएम मोदी बोले- देश की पहली सुबह पूर्वोत्तर से होती है, हमारी चाय को बदनाम करने के लिए विदेशों में साजिश
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पीएम नरेंद्र मोदी, फोटो बीजेपी ट्वीटर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में दो अस्पतालों की आधारशिला रखी और 'असोम माला' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यकम में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे। 'असोम माला' असम के सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगी और राज्य की आर्थिक प्रगति और कनेक्टिविटी में सुधार में योगदान करेगी। पीएम मोदी ने सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में 'असोम माला' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले महीने मैं असम में आकर गरीब, पीड़ित, शोषित लोगों को जमीन के पट्टों के वितरण कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मुझे सौभाग्य मिला था। तब मैंने कहा था कि असम के लोगों का स्नेह और आपका प्रेम इतना गहरा है कि वो मुझे बार-बार असम ले आता है।

हम सब हमेशा से सुनते आए हैं, देखते आये हैं कि देश की पहली सुबह पूर्वोत्तर से होती है। लेकिन सच्चाई ये भी है कि पूर्वोत्तर और असम में विकास की इस सुबह को एक लंबा इंतजार करना पड़ा है। असम के स्वाधीनता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था। इन शहीदों के खून की एक-एक बूंद और साहस हमारे संकल्पों को मजबूत करता है। असम का यह अतीत बार-बार मेरे मन को असमिया गौरव से भर रहे हैं। पूर्वोत्तर और असम को विकास की सुबह के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ा।

हिंसा, अभाव, भेदभाव, तनाव, पक्षपात, संघर्ष इन सारी बातों को पीछे छोड़कर अब पूरा नॉर्थ ईस्ट विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और असम इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है। ऐतिहासिक बोडो समझौते के बाद हाल ही में बोडोलैंड टेरीटोरियल के चुनावों ने यहां विकास और विश्वास का नया अध्याय लिख दिया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि 2016 तक, असम में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। पिछले 5 वर्षों में, हमने 6 और मेडिकल कॉलेजों पर काम शुरू किया है! 2016 तक, असम में केवल 725 एमबीबीएस सीटें थीं। ये नए मेडिकल कॉलेज असम में हर साल 1,600 नए एमबीबीएस डॉक्टरों को जोड़ना शुरू करेंगे।

यह सुनिश्चित करना मेरा सपना है कि हर राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज और एक तकनीकी कॉलेज है जो मातृभाषा में पढ़ाता है! मेरे देश के गरीब के घर में टैलेंट की कमी नहीं होती है। बस उन्हें अवसर नहीं मिलता। आजाद भारत जब 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है तो मेरा एक सपना है- हर राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज, कम से कम एक टेक्निकल कॉलेज मातृभाषा में पढ़ाना शुरू करे। चुनाव के बाद असम में जब नई सरकार बनेगी, तो मैं असम के लोगों की तरफ से आपको वादा करता हूं कि असम में भी एक मेडिकल कॉलेज और एक टेक्निकल कॉलेज स्थानीय भाषा में हम शुरू करेंगे।

आज केंद्र सरकार द्वारा असम के विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया जा रहा है। असम भी देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। आयुष्मान भारत योजना हो, जन औषधि केंद्र हो, प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम या हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र हो, सामान्य मानवी के जीवन में जो बदलाव आज पूरा देश देख रहा है वही बदलाव, वही सुधार असम में भी दिख रहे हैं। आज असम में आयुष्मान भारत योजना का लाभ लगभग सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है। इस योजना में 350 से ज्यादा असम के अस्पताल इस योजना मेंजुड़ चुके हैं। असम के 1.5 लाख गरीब आयुष्मान योजना से अपना मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।

स्वास्थ सेवाओं को लेकर संवेदनशीलता और आधुनिक सुविधाओं के महत्व को कोरोना काल में देश ने बखूबी महसूस किया है। देश ने कोरोन से जिस तरह से लड़ाई लड़ी है, जितने प्रभावी तरीके से भारत अपना वैक्सीन प्रोग्राम चला रहा है, उसकी तारीफ आज पूरी दुनिया कर रही है। कोरोना से सबक लेते हुए देश ने हर देशवासी के जीवन को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए और तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इसकी झलक आपने इस बार के बजट में भी देखी है। बजट में इस बार स्वास्थ पर होने वाले खर्च में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की गई है। सरकार ने ये तय किया है कि अब देश के 600 से ज्यादा जिलों में इंटीग्रेटेड लैब बनाई जाएगी। इसका बहुत बड़ा फायदा छोटे कस्बों और गांवों को होगा। सोनितपुर की लाल चाय तो वैसे भी अपने अलग फ्लेवर के लिए जानी जाती है। यहां की चाय का स्वाद कितना खास होता है, ये मुझसे बेहतर भला कौन जानेगा।

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