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राज्यसभा: पीएम मोदी ने चमकी बुखार पर मानी हार, दिया ये बड़ा बयान

संसद सत्र के दौरान राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद पीएम मोदी ने सदन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अभिभाषण पर जवाब देते हुए कई मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने अपने भाषण में मॉब लिंचिंग, चमकी बुखार, आयुष्मान भारत योजना, किसान मुद्दे, मीडिया बिकाऊ आदि मुद्दों पर बयान दिया।

राज्यसभा: पीएम मोदी ने चमकी बुखार पर मानी हार, दिया ये बड़ा बयानPM Modi Statement on Chamki bukhar in muzaffarpur bihar

संसद सत्र के दौरान राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद पीएम मोदी ने सदन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अभिभाषण पर जवाब देते हुए कई मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने अपने भाषण में मॉब लिंचिंग, चमकी बुखार, आयुष्मान भारत योजना, किसान मुद्दे, मीडिया बिकाऊ आदि मुद्दों पर बयान दिया।

पीएम मोदी ने राज्यसभा में बिहार में चुमकी बुखार से हो रही मौतों पर सरकार की विफलता माना। पीएम मोदी ने कहा कि 7 दशकों में चमकी बुखार सरकार की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक है।

राज्यसभा में पीएम मोदी ने चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत पर दुख जाता और कहा कि दुख की बात है कि आज के आधुनिक युग में भी ऐसी बीमारी का हल नहीं निकल पा रहा है। हमें इस पर शर्म आती है और हम शर्मिंदा हैं।

इतना ही नहीं उन्होंने आगे यह भी कहा कि मैं बिहार सरकार से लगातार संपर्क में हूं। हर पल की जानकारी ले रहा हैं। बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में सिर्फ चमकी बुखार से 127 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं बिहार में मरने वालों की संख्या 150 के पास पहुंच गई है।

इस बुखार से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार हर संभव मदद कर रही है। नीतीश सरकार ने अस्पतालों के दौरे के बाद प्रशासन को विशेष निर्देश दिए थे। जिसमें परिजनों के ठहरने और अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाने की बात कही। लेकिन अभी तक सरकार को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।

क्या है चमकी बुखार

चमकी बुखार एक तरह का दिमागी बुखार है जिसे एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी के दौरान दिमाग पर सूजन आ जाती है। शरीर में कंपन होती है, शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ये बीमारी इंफेक्शन से होती है। इम्यूनिटी सिस्टम और दिमाग के ऊतकों पर वायरल हमला करते हैं। इसकी गिरफ्त में सिर्फ बच्चे ही नहीं बड़े भी आते हैं। लेकिन बिहार में 5 साल के बच्चों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है।

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