Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

पीएम मोदी और बाइडेन की शुक्रवार को वॉशिंगटन में होगी मुलाकात, क्वाड बैठक में भी शामिल होंगे प्रधानमंत्री

व्हाइट हाउस (White House) ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) ने क्वाड देशों के नेताओं की पहली प्रत्यक्ष बैठक भी आयोजित की है।

पीएम मोदी और बाइडेन की शुक्रवार को वॉशिंगटन में होगी मुलाकात, क्वाड बैठक में भी शामिल होंगे प्रधानमंत्री
X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 23 सितंबर को अमेरिका (America) के दौरे पर जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां क्वाड देशों की शिखर सम्मेलन (Quad Countries Summit) में हिस्सा लेंगे और अमेरिक (America) के राष्ट्रपति जो बाइडेन (President Joe Biden) एवं समूह के अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन 24 सितंबर के दिन शुक्रवार को रूबरू होंगे।

व्हाइट हाउस (White House) ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) ने क्वाड देशों के नेताओं की पहली प्रत्यक्ष बैठक भी आयोजित की है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Australian Prime Minister Scott Morrison) और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा (apanese Prime Minister Yoshihide Suga) भी शामिल होंगे।

अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस सम्मेलन में कहा कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को वाशिंगटन (Washington) में क्वाड समूह की बैठक (Quad group meeting) में उपस्थित रहेंगे। इसके बाद वे आगे दिन यानी 25 सितंबर को वे न्यूयॉर्क (New York) में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के एक उच्च स्तरीय खंड को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी वाशिंगटन में जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी।

प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। बता दें कि क्वाड समूह में अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। अमेरिका क्वाड समूह की बैठक कर रहा है जिसमें समूह के नेता हिस्सा लेंगे। इसके जरिये अमेरिका हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और समूह के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का मजबूत संकेत देना चाहता है।

Next Story