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तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व स्पीकर पीएच पांडियन का निधन, जानें इनके बारे में सब कुछ

पीएच पांडियन ने 1985 से 1987 के बीच तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस समय एमजी रामचंद्रन राज्य के मुख्यमंत्री थे।

तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व स्पीकर पीएच पांडियन का निधन, जानें इनके बारे में सब कुछपीएच पांडियन का निधन

तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व स्पीकर और एआईएडीएमके (AIADMK) के वरिष्ठ नेता पीएच पांडियन का लंबी बीमारी के बाद शनिवार सुबह निधन हो गया है। वह 74 वर्ष के थे। पीएच पांडियन ने आज सुबह 8:30 बजे तमिलनाडु के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

पीएच पांडियन ने 1985 से 1987 के बीच तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस समय एमजी रामचंद्रन राज्य के मुख्यमंत्री थे। पीएच पांडियन जयललिता के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे।

जयललिता के साथ पैचअप किया

1972 में AIADMK में शामिल होने वाले पीएच पांडियन ने 1985 से 1987 तक तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप कार्य किया। उस समय एमजी रामचंद्रन मुख्यमंत्री राज्य के सीएम थे। एमजी रामचंद्रन मुख्यमंत्री के निधन के बाद उन्होंने अध्यक्ष के रूप 1989 तक कार्य किया।

एमजी रामचंद्रन की मौत के बाद एआईएडीएमके का विभाजन हो गया तो पांडियन एमजी रामचंद्रन की पत्नी की साइड चले गए। लेकिन बाद में उन्होंने जयललिता के साथ पैचअप कर लिया।

पीएच पांडियन 1999 में संसद सदस्य चुना गए

जब उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे तब वह वह 1996 और 1999 के बीच पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के कानूनी सलाहकार बन गए। चार बार विधायक रहे पांडियन को तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से 1999 में संसद सदस्य चुना गया।

पीएच पांडियन ने वीके शशिकला के खिलाफ विद्रोह किया

जयललिता के निधन के बाद पीएच पांडियन पूर्व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के प्रति निष्ठा रखने वाले लोगों में से एक थे जिन्होंने वीके शशिकला के खिलाफ विद्रोह किया था। पांडियन अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं में से थे, जो पार्टी के महासचिव के लिए शशिकला की पदोन्नति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे।

जयललिता की मौत प्राकृतिक परिस्थितियों में नहीं हुई

उस दौरान चेन्नई में पांडियन और उनके बेटे मनोज पांडियन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया था कि जयललिता की मौत प्राकृतिक परिस्थितियों में नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जयललिता अवसाद से पीड़ित थीं और पोएस गार्डन में किसी व्यक्ति के साथ उनका मतभेद था। उन्हें जहर देकर मारा गया।

26 साल तक चेन्नई हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस की

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में जन्में पांडियन ने अपराधिकि विज्ञान और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में कला में विज्ञान और परास्नातक में अपने स्नातक पूरा किया। जिसके बाद उन्होंने चेन्नई के मद्रास लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की। वे पेशे से वकील थे, 26 साल तक चेन्नई हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस की।

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