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राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास, पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े, सोनिया गांधी ने बताया काला दिन

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है। बिल के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े हैं। अब इस बिल के राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास, पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े, सोनिया गांधी ने बताया काला दिन

Parliament Session Live Updates: संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और इसी बीच राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल पेश किया। इस बिल का सबसे पहले टीएमसी ने विरोध किया।

संसद लाइव अपडेट (Live Update)

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद सदन की कार्यवाही को गुरुवार 12 दिसंबर दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया है।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है। बिल के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े हैं। अब इस बिल के राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। वहीं बिल के पास होने पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस दिन को संवैधानिक इतिहास का काला दिन बताया है। बता दें कि राज्यसभा में बिल के पास होने पर दिल्ली समेत अलग-अलग राज्यों में जश्न शुरू हो गया है। पाकिस्तान से आए शरणार्थी मोदी सरकार जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं।

नागरिकता बिल में संशोधन प्रस्तावों को लेकर वोटिंग जारी है। शिवसेना ने वॉकआउट किया है। राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर कुल 14 संशोधनों पर वोटिंग हो रही है।

बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव गिरा। बिल सेलेक्ट कमेटी के भेजने के पक्ष में 93 और खिलाफ 113 वोट पड़े हैं। राज्यसभा में शिवसेना ने किया वोटिंग प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट किया है। टीएमसी के संशोधन का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। टीएमसी सांसद डेरेक के समर्थन में 96 और विरोध में 116 वोट पड़े हैं। नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। वहीं नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमेटी को न भेजने के पक्ष में 124 और विरोध में 99 वोट पड़े हैं।

नागरिकता संसोधिन पर हुई बहस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर देश का विभाजन एक बड़ी भूल थी, अगर धर्म आधारित विभाजन नहीं हुआ होता तो ऐसे किसी बिल को लाने की आवश्यकता ही नहीं होती। बंटवारे के बाद जो परिस्थितियां आईं, उनके समाधान के लिए ये बिल लाया गया. पिछली सरकारें समाधान लाईं होती तो ये बिल लाने की जरुरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने आगे कहा कि अगर यह बिल 50 साल पहले लाया जाता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

ये बिल 2015 में लेकर आए थे। पहले की सरकारों ने समाधान करने की कोशिश नहीं की। हम चुनावी राजनीति अपने दम पर लड़ते हैं। देश की समस्याओं का समाधान करना हमारा काम है। सरकारों का काम है। नेहरू-लियाकत समझौते के तहत दोनों पक्षों ने स्वीकृति दी कि अल्पसंख्यक समाज के लोगों को बहुसंख्यकों की तरह समानता दी जाएगी, उनके कारोबार, अभिव्यक्ति और पूजा करने की आजादी भी सुनिश्चित की जाएगी, ये वादा अल्पसंख्यकों के साथ किया गया।

लेकिन वहां लोगों को चुनाव लड़ने से भी रोका गया, उनकी संख्या लगातार कम होती रही है। लेकिन यहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, चीफ जस्टिस जैसे कई उच्च पदों पर अल्पसंख्यक रहे हैं। यहां अल्पसंख्यकों का संरक्षण हुआ है। अमित शाह ने आगे कहा कि मैं पहली बार नागरिकता के अंदर संशोधन लेकर नहीं आया हूं, कई बार हुआ है। जब श्रीलंका के लोगों को नागरिकता दी गई थी तो उस वक्त बांग्लादेशियों को क्यों नहीं दी? जब युगांडा से लोगों को नागरिकता दी गई तो बांग्लादेश-पाकिस्तान के लोगों को क्यों नहीं दी गई?

नागरिकता संसोधन बिल की वजह से कई धर्म के प्रताड़ित लोगों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। लेकिन विपक्ष का ध्यान सिर्फ इस बात पर कि मुस्लिम को क्यों नहीं लेकर आ रहे हैं? नागरिकता संसोधन बिल में उनके लिए व्यवस्था की गई है जो पड़ोसी देशों में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किए जा रहे हैं। जिनके लिए वहां अपनी जान बचाना, अपनी माताओं-बहनों की इज्जत बचाना मुश्किल है। ऐसे लोगों को यहां की नागरिकता उनकी परेशानियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। आगे कहा कि हमारे लिए प्रताड़ित लोग प्राथमिकता हैं जबकि विपक्ष के लिए प्रताड़ित लोग प्राथमिकता नहीं हैं।

अमित शाह ने कहा कि आज नरेंद्र मोदी जो बिल लाए हैं, उसमें निर्भीक होकर शरणार्थी कहेंगे कि हां हम शरणार्थी हैं। हमें नागरिकता दीजिए और सरकार नागरिकता देगी। जिन्होंने जख्म दिए वही आज पूछते हैं कि ये जख्म क्यों लगे। कपिल सिब्बल कह रहे थे कि मुसलमान आपसे नहीं डरता है। मैं भी तो यही कह रहा हूं कि भारत में रहने वाले किसी भी अल्पसंख्यक को, विशेषकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को डरने की जरूरत नहीं है।

शाह ने आगे कहा कि जब भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने 1971 में बांग्लादेश के शरणार्थियों को स्वीकारा, तब श्रीलंका के शरणार्थियों को क्यों नहीं स्वीकारा गया? समस्याओं को उचित वक्त पर ही सुलझाया जाता है। इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। आगे कहा कि अनुच्छेद-14 में जो समानता का अधिकार है। वो ऐसे कानून बनाने से नहीं रोकता जो रीजनेबल क्लासिफिकेशन के आधार पर हैं।

अमित शाह ने ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ का जिक्र ममता बनर्जी ने 2005 में किया था। अमित शाह ने कांग्रेस पर तंज सकते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अजीब प्रकार की पार्टी है। सत्ता में होती है तो अलग-अलग भूमिका में अलग-अलग सिद्धांत होते हैं। हम तो 1950 से कहते आए हैं कि अनुच्छेद 370 नहीं होना चाहिए।

शाह ने कहा कि आनंद शर्मा कहते हैं देश का बंटवारा सावरकर के एक बयान की वजह से हुआ था। लेकिन मैं उन्हें बताने चाहूंगा कि पूरा देश जानता है कि देश का बंटवारा जिन्ना और उनकी मांग की वजह से हुआ था। जिन्ना का जिक्र करते हु उन्होंने उनके नाम के पीछे जी लगा दिया। जिसके बाद विपक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि कुछ समय के बाद सब शांत हो गए।

अमित शाह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी पहले इसी सदन में कहा था कि वहां के अल्पसंख्यकों को बांग्लादेश जैसे देशों में उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। अलग उनको हालात मजबूर करते हैं तो हमारा नैतिक दायित्व है कि उन अभागे लोगों को नागरिकता दी जाए। हम डॉक्टर साहब के कहे को तो ही कर रहे हैं। कांग्रेस ने धर्म के आधार पर विभाजन को क्यों स्वीकारा? उन्होंने कहा कि जहां तक रोहिंग्या का सवाल है तो वे लोग सीधे हमारे देश में नहीं आते हैं। रोहिंग्या पहले बांग्लादेश जाते हैं। फिर वहां से घुसपैठ करके भारत आते हैं। रोहिंग्याओं पर हमारा मत एक स्पष्ट है।

अमित शाह ने शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग सत्ता के लिए कैसे-कैसे रंग बदल लेते हैं। शिवसेना ने लोकसभा में इसका समर्थन किया तो फिर एक रात में ऐसा क्या हो गया जो आज विरोध में खड़े हैं। मैं सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आर्टिकल-371 को इस बिल की वजह से कोई दिक्कत नहीं होगी। हम कहीं से भी इस आर्टिकल को नहीं हटाने जा रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने कहा कि आपको कैसे पता कि जो लोग आ रहे हैं वे धार्मिक आधार पर पीड़ित हैं। हमें इसलिए पता हैं क्योंकि हमारे आंख कान खुले हैं, हमने वोटबैंक के लिए अपने आंख कान बंद नहीं कर रखे हैं। सिब्बल जी ने कहा कि देश का मुसलमान आपसे नहीं डरता है। मैं कहता हूं डरना भी नहीं चाहिए, बस आप उन्हें डराने की कोशिश मत कीजिए। वे कहते हैं कि इस बिल से मुसलमानों का अधिकार छिन जाएगा, लेकिन मैं सबको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस बिल से किसी का भी अधिकार नहीं छिनेगा। मोदी सरकार देश के संविधान पर भरोसा रखती है और मैं भरोसा दिलाता हूं कि यह देश कभी मुस्लिम मुक्त नहीं होगा।

अमित शाह ने कहा कि नागरिकता संसोधन विधेयक में मुसलमानों का कोई अधिकार नहीं जाता। ये नागरिकता देने का बिल है, नागरिकता लेने का बिल नहीं है। मैं सबसे कहना चाहता हूं कि भ्रामक प्रचार में मत आइए। इस बिल का भारत के मुसलमानों की नागरिकता से कोई संबंध नहीं है।

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा कि हमारी सरकार के सभी बिल सदन में लाए जाते हैं, कानून और विधायी विभाग द्वारा इनका पालन किया जाता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नागरिकता संसोधिन बिल को लेकर पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। असम में सेना की टुकड़ियां तैनात की जा रही हैं। यदि सब कुछ सही है तो और लोग इस बिल से खुश हैं तो ऐसा क्यों हो रहा है? असम का डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में इस वक्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, आगजनी हो रही है। नगालैंड और त्रिपुरा जल रहा है और आप कह रहे हैं कि इस नागरिकता संसोधिन बिल से पूरा देश खुश है? गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि अमित शाह का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं का उत्पीड़न हुआ है, लेकिन अफगानिस्तान में जितना मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न हुआ है उतना किसी का नहीं हुआ है। बुर्का न पहने पहनने पर तालिबान वाले उनको खड़ा करके सीधे मार देते थे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विमान संचालन की सुरक्षा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए विमान (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी।

भारतीय रेलवे ने असम में तिनसुकिया डिवीजन और लुमडिंग डिवीजन में विभिन्न संगठनों और संघों द्वारा अनिश्चितकालीन 'रेल रोको' प्रोटेस्ट की वजह से 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 10 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है।

असम में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में दिसपुर के जनता भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने बस को आग लगा दी।

डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट डिब्रूगढ़ ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐहतियाती तौर पर आज शाम 4 बजे से शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया।

असम के लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप (मेट्रो) और असम के कामरूप जिलों में आज 11 दिसंबर से शाम 7 बजे से कल 12 दिसंबर शाम 7 बजे तक मोबाइल इंटरनेट को 24 घंटे के लिए निलंबित कर दिया गया।

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस इस बिल को लेकर सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि कांग्रेस खुद एनआरसी और नागरिकता बिल को लेकर कन्फ्यूज है। आर्टिकल-14 नागरिकता संशोधन विधेयक को रोक नहीं सकता है। मुझे लगता है कि कांग्रेस में संविधान को लेकर अशिक्षा दर अधिक है।

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को गुजरावाला में रहने वाले हिंदुओं की तो चिंता है, लेकिन उनके गृह राज्य गुजरात में यूपी-बिहार के हिंदू नागरिकों के साथ होने वाला भेदभाव नहीं दिखता है। वहां उत्तर प्रदेश बिहार के लोगों को मारा-पीटा जाता है लेकिन उन्होंने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला।

नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम के गुवाहाटी में लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

राज्सभा में बिल पर चर्चा करते हुए कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि आप इस बिल से इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि गृहमंत्री ने इतिहास कहां से पढ़ा है। टू नेशन थ्योरी कांग्रेस की नहीं थी। आप इतिहास की बुनियाद को बदलने जा रहे हैं।

राज्यसभा में कांग्रेस पी चिदंबरम ने कहा ​​यह सरकार अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस विधेयक को ला रही है।

संजय राउत ने कहा कि मजबूत पीएम और गृह मंत्री आपसे हमारी आशा है। देशभक्ति का सर्टिफिकेट हमें किसी से लेने की जरूरत नहीं है। हम कितने कठोर हिंदू हैं यह बताने की जरूरत नहीं है।

असम राज्यसभा में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट पार्टी के सांसद बिश्वजीत दैमारी ने कहा कि हम नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 का समर्थन करते हैं।

डीएमके सांसद टी शिवा ने कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह हमारे धर्मनिरपेक्षता के लिए एक आघात होगा। आप (भाजपा) के पास देश के सभी नागरिकों को न्यायोचित ठहराने और एक वर्ग को अलग न रखने और उन्हें पीड़ित महसूस कराने का जनादेश है।

माकपा सांसद टीके रंगराजन ने कहा कि मान लीजिए कि आप कानून बनाते हैं, तो अल्पसंख्यकों पर होने वाले किसी भी नतीजे के लिए कौन जिम्मेदार होगा? इसलिए मेरी पार्टी इसका विरोध करती है। देश को खराब मत करो, संविधान को मत खराब करो, यही मेरा अनुरोध है।

अन्नाद्रमुक से राज्यसभा एसआर बालासुब्रमण्यम ने कहा कि हमें कुछ चिंताएं हैं लेकिन कुल मिलाकर हम इस बिल का समर्थन कर रहे हैं।

टीएमसी सांसद डेरेक ने बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि ये सरकार वादे करने और तोड़ने में माहिर है। हम इस बिल का विरोध करते हैं।

राज्यसभा में बहस के दौरान जेपी नड्डा ने आनन्द शर्मा करारा जवाब देते हुए कहा कि जब वकील के पास सबूत नहीं होता तो वह विवेक आधारित बातों से अपनी बात करते हैं और 1971 की जनगणना के मुताबिक, मुस्लिम की आबादी काफी बढी है। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, बिल से प्रताड़ित लोगों को अधिकार मिलेगा, नागरिकता बिल के सूत्रधार अमित शाह, पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है।

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि हम कल एक प्रस्ताव लाएंगे कि दोनों सदनों की एक संयुक्त प्रवर समिति को डेटा संरक्षण विधेयक पर विचार-विमर्श हो।

कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि ये बिल संविधान प्रस्तावना के खिलाफ है। पाकिस्तान से आए दो लोग प्रधानमंत्री बने, ये बिल लोकतंत्र के खिलाफ है। भाजपा ने बंटवारे का दोष कांग्रेस के नेताओं पर लगाए। अंग्रेजों की जेलों में रहने वालों पर आरोप लगे।

तमिलनाडु में कांग्रेस का नागरिकता संशोधन बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन

आगे कहा कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी घटी है। धर्म के आधार पर प्रताड़ित लोगों को नागरिकता मिलेगी। इस बात का जिक्र हमने अपने घोषणा पत्र में भी किया था। पड़ोसी देशों से पीड़ित होकर आए अल्पसंख्यकों को संरक्षण देंगे। पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता का भी ख्याल रखना है। मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि ये बिल मुस्लिमों के खिलाफ नहीं है। वो देश के नागरिक हैं और रहेंगे।

नागरिकता संशोधन बिल पेश होने के बाद राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि ये बिल करोड़ों लोगों की उम्मीदें हैं। इन लोगों को सम्मान से जीने का हक मिलेगा बाहर से आए अल्पसंख्यकों को उनका हक अभी तक नहीं मिला है। जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए हैं।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल को सदन के सामने रखा

वहीं राज्यसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह संसद पहुंच चुके हैं।

राज्यसभा में बिल पेश होने से पहले बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल ऐतिहासिक है।

लोकसभा में कांग्रेस सांसद सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश ने बिल के खिलाफ दिया स्थगन नोटिस

भारतीय जनता पार्टी संसदीय दल की बैठक संसद पुस्तकालय में जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पुस्तकालय में भारतीय जनता पार्टी संसदीय दल की बैठक के लिए पहुंचे।

भारतीय जनता पार्टी के संसदीय दल की बैठक संसद के पुस्तकालय में शुरू

राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर विपक्षी नेताओं में कांग्रेस से कपिल सिब्बल, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओ ब्रायन और समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव भाग लेंगे।


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