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आज CBI कोर्ट में होगी पी. चिदंबरम की पेशी, इन 5 बिंदूओं से पेश कर सकते हैं अपनी बेगुनाही

देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। बीते दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। चिदंबरम इन 5 बिंदूओं पर सुप्रीम कोर्ट से रिहाई मांग सकते हैं

चिदंबरम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, बीसीआई फिर करेगी पूछताछChidambaram Anticipatory Bail Plea Supreme Court Hearing Today live update

देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में रिश्वत के आरोप में सीबीआई ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। बीते दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन उसके बाद उन्होंने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसके बाद उन्हें आधिकारिक रुप से सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई ने मई 2017 में चिदंबरम के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें 305 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। INX समूह को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB)मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगा है। उस वक्त चिदंबरम यूपीए कांग्रेस में वित्त मंत्री थे।

इन 5 बिंदूओं पर सीबीआई कोर्ट से रिहाई मांग सकते हैं चिदंबरम....

1. सबसे पहली दलील की जिस कंपनी में पैसा दिया गया उनमें न तो पी चिदंबरम या कार्ति चिदंबरम मालिक थे या फिर शेयरहॉल्डर। इस आधार पर जमानत मांग सकते हैं।

2. दूसरी जिस कंपनी को पैसा दिया गया या लिया गया उनके मालिका शेयरहॉलडर हैं जो एक टीम के साथ काम करते हैं। इसमें FIPB या किसी अन्य सरकारी दखत से कोई संबंध नहीं है।

3. इन कंपनियों का लेन-देन का लेखा-जोखा समय समय पर आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा होता रहा। सभी टैक्ट या रजिस्टरों में लेखा जोखा लिखा गया है।

4. पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम ने सीबीआई और ईडी के साथ पूरी तरह से काम किया। समय समय पर दोनों पेश हुए और जांच एजेंसियों द्वारा जो भी जानकारी और दस्तावेज मांगे गए वो दिए गए।

5. दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2018 में सुनवाई के दौरान ये देखा था कि किसी भी अधिकारी ने पी चिदंबरम या कार्ति की किसी भी भूमिका के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। ऐसे में यह सबसे बड़ा सबूत है। अभी तक पी चिदंबरम या कार्ति को पैसा ट्रांसफर की जानकारी नहीं मिली है। इंद्राणी या पीटर मुखर्जी से दोनों कभी नहीं मिले। पीटर मुखर्जी ने खुद इस बात की पुष्टि कर चुके हैं।

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