Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

राहत पैकेज पर निर्मला सीतारमण की आखिरी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, जानें किस विभाग को कितनी मिली मदद

निर्मला सीतारमण राहत पैकेज पर आखिरी प्रेस कॉन्फेंस कर रही हैं। जानें अब तक किस विभाग में कितनी मदद जारी की गई।

राहत पैकेज पर निर्मला सीतारमण का आखिरी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, जानें किस विभाग को कितनी मिली मदद
X

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को राहत पैकेज यानी 20 लाख करोड़ को लेकर आखिरी प्रेस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर रही हैं। यह लगातार अब तक पांचवां कॉन्‍फ्रेंस है। रविवार सुबह 11 बजे से प्रेस कॉन्‍फ्रेंस शुरू हो चुकी है, जो अब तक जारी है।

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अब तक की गई घोषणा के तहत जानें किस विभाग में कितनी राहत जारी की गई।

राज्‍यों में घोषणा

राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल ( SDRF) के तहत सभी राज्यों को अप्रैल में 11,000 करोड़ से अधिक राहत के तौर पर जारी कर दिए गए थे। वहीं आरबीआई ने राज्यों के कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी गई। हालांकि राज्यों ने अभी तक 14 फीसदी ही उधारी लिया है।

एंटी कोविड एक्‍टिविटी के लिए हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री के जरिए 4,113 करोड़ रुपये दिए गए। केंद्र ने 2020-21 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में राज्यों की उधार सीमा को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की नई नीति की घोषणा

सार्वजनिक क्षेत्र की नई नीति की घोषणा करने के लिए सरकार एक सूची तैयार करेगी। इसमें यह तय होगा कि कौन से रणीतिक सेक्टर में कौन सी पब्लिक सेक्टर कंपनी रहेगी। निजी कंपनियां भी इसमें शामिल रहेंगी, कई ऐसे सेक्टर होंगे जिसमें सिर्फ 4 पब्लिक सेक्टर कंपनियों को रहने की इजाजत होगी।

इन सेक्टर की बाकी पीएसयू कंपनियों का विलय होगा। रणनीतिक सेक्टर में कम से कम एक पब्लिक सेक्टर कंपनी रहे। कंपनियों को अपनी सिक्युरिटीज को सीधे विदेशी एक्सचेंजों में लिस्टिंग की सुविधा दी जाएगी। अब, भारतीय सार्वजनिक कंपनियां विदेशी क्षेत्राधिकार में सीधे अपनी प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध कर सकती हैं।

स्टॉक एक्सचेंजों में गैर परिवर्तनीय डिबेंचर की सूची देने वाली निजी कंपनियों को सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में नहीं माना जाएगा।

कंपनी अधिनियम

कंपनी अधिनियम के तहत CSR, बोर्ड रिपोर्ट की कमी, फाइलिंग में चूक को अपराधों की सूची से पूरी तरह से हटा दिया गया। संशोधन आपराधिक अदालतों और एनसीएलटी को समाप्त कर दिया जाएगा।

MSME

MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को राहत देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में अगले एक साल तक किसी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए कर्ज की सीमा को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दी गई है।

शिक्षा विभाग

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए डिजिटल / ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस के लिए PM eVIDYa कार्यक्रम को लॉन्च किया जाएगा। टॉप 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने की अनुमति होगी।

COVID19 के दौरान ऑनलाइन शिक्षा स्वयं प्रभा डीटीएच चैनलों का समर्थन करने और उन लोगों तक पहुंचने के लिए शुरू किया गया, जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं हैं। इसमें पहले तीन चैनल को जोड़ा गया, जो अब 12 और चैनल जोड़े जाने हैं।

स्वास्थ्य विभाग

स्वास्थ्य विभाग के खर्च में वृद्धी की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए जमीनी स्तर पर निवेश बढ़ेगा। इसमें जिले स्तर के अस्पताल में संक्रमण से लड़ने के लिए मदद मिलेगी। सभी जिले के ब्लॉक के अस्पतालों में संक्रामक रोग से निपटने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। ब्लॉक स्तर पर जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला स्थापित की जाएंगी।

मनरेगा विभाग

सरकार अब मनरेगा को अतिरिक्त यानी पहले से ज्यादा 40,000 करोड़ रुपये आवंटित करेगी। इससे गांवों प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा।



Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


Next Story