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Nirbhaya Case: फांसी पर बोले सीएम केजरीवाल- दूसरी निर्भया अब नहीं होनी चाहिए, जानें 7 साल 3 महीने और 4 दिन में कैसे मिला इंसाफ

Nirbhaya Case: 2012 दिल्ली गैंगरेप मामले में पवन कुमार गुप्ता, मुकेश, विनय और अक्षय को तिहाड़ जेल में सुबह 5.30 बजे फांसी दे दी गई।

निर्भया मामले के दोषियों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपेकोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ जारी किया नया डेथ वारंट

Nirbhaya Case: 2012 दिल्ली गैंगरेप मामले में पवन कुमार गुप्ता, मुकेश, विनय और अक्षय को तिहाड़ जेल में सुबह 5.30 बजे फांसी दे दी गई। 7 साल 3 महीन और 4 दिन बाद निर्भया के मां-बाप को इंसाफ मिल गया।

निर्भया के दोषियों को फांसी देने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज वो दिन है जब हम सब लोगों को मिलकर ये संकल्प करने की जरूरत है कि दूसरी निर्भया अब नहीं होनी चाहिए।

वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आखिरकार 7 साल बाद इंसाफ मिल ही गया। निर्भया के माता पिता ने एक लंबे वक्त तक ठोकर खाईं। उनके इंसाफ के लिए लोग सड़कों पर उतरे और अनशन किया।

जानें 2012 से लेकर 2020 तक क्या हुआ...

2012- 16 दिसंबर को गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। जिसके बाद 18-22 दिसंबर को दिल्ली पुलिस ने सभी 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 29 दिसंबर को निर्भया की मौत हो गई।

2013 - 11 मार्च को संदिग्ध राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली। 1 सितंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने किशोर को 3 साल के लिए सुधार गृह में भेज दिया। 13 सितंबर को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी चार दोषियों को मौत की सजा दी।

2014 - 13 मार्च को दिल्ली होईकोर्ट ने मौत की सजा को बरकरार रखा।

2017 - 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को बरकरार रखाष इसके बाद पूरे एक साल तक समीक्षा याचिका सभी दोषियों की तरफ से दायर होती रहीं।

2018 - 9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश, पवन और विनय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।

2019- फरवरी में निर्भया के माता-पिता ने चारों दोषियों की मौत के वारंट जारी करने के लिए ट्रायल कोर्ट का रुख किया।

2020 - 7 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने 22 जनवरी, 2020 (सुबह 7 बजे) सभी चार दोषियों को फांसी देने का डेथ वारंट जारी कर दिया। जिसके बाद डेथ वारंट को 3 बार रद्द किया गया। इसी दौरान दोषियों ने क्यूरेटिव याचिका और राष्ट्रपति के पास दया याचिकाएं भी भेजीं। जिन्हें खारिज कर दिया गया। वहीं अक्षय की पत्नी ने भी स्थानीय कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की और दोषियों के वकील की तरफ से भी फांसी से 10 घंटे पहले फांसी पर रोक की याचिका दायर की लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया।

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