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NDA संसदीय दल के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी, अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिला प्रतिनिधिमंडल

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नवनिर्वाचित सांसदों की थोड़ी ही देर में बैठक शुरू हो गई। इस बैठक में औपचारिक तौर पर नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय दल का नेता चुना गया।

NDA संसदीय दल के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी, अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिला प्रतिनिधिमंडल

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया है। बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका वहां मौजूद सभी नवनिर्वाचित सांसदों ने समर्थन किया।


यह बैठक संसद के सेंट्रल हॉल में शाम 5 बजे शुरु हुई। माना जा रहा है कि मोदी सांसदों को संबोधित भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा 303 सीटें मिली हैं और राजग (एनडीए) गठगबंधन को 353 सीटें हासिल हुई है।

बैठक में शामिल होने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी पहुंचे।



दिल्ली: NDA संसदीय बोर्ड की बैठक के लिए नए चुने गए सांसद और अन्य नेता पहुंचे।

अभिनेता से नेता बने नवनिर्वाचित भाजपा सांसद सनी देओल भी संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे।

इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए एनडीए गठबंधन के सभी दलों के नेता पहुंचे हैं। अमित शाह, लाल कृष्णा आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह समेत सभी नेता मौजूद हैं।


दिल्ली: NDA संसदीय बोर्ड की बैठक में पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी।


संसदीय दल के नेता के रूप में अमित शाह की ओर से नरेंद्र मोदी के नाम के प्रस्ताव रखा गया। जिसका शिरोमणि अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, जदयू चीफ नीतीश कुमार, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने समर्थन किया।


भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मैं सभी सहयोगियों और सांसदों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने सर्वसम्मति से एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी को देश का नया प्रधानमंत्री चुना।

NDA की बैठक में नरेंद्र मोदी ने BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से आशीर्वाद मांगा।

NDA संसदीय दल के नेता चुने जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने नरेंद्र मोदी को बधाई दी।


शिअद के प्रकाश सिंह बादल, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और भाजपा नेता सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी ने नरेंद्र मोदी को बधाई दी।


अपने संबोधन की शुरूआत से पहले नरेंद्र मोदी ने भारत के संविधान की किताब के आगे सिर झुकाकर सम्मान दिया।



इस मौके पर मोदी ने कहा कि आप सभी बधाई के पात्र हैं, लेकिन जो लोग पहली बार चुने गए वह इससे भी बड़े बधाई के पात्र हैं। मैं आप सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारे 'सेवा भाव' के कारण लोगों ने हमें स्वीकार किया है। राजनीति और सत्ता की गलियों से गुजरते हुए भी लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने के लिए खुद को तैयार करना होगा।

उन्होंने कहा कि 2019 के चुनावों ने दीवारों को तोड़ने और दिलों को जोड़ने की दिशा में काम किया है। एक तरह से वे समाज को एकजुट करने का एक तरीका बन गए थे ... इससे इन चुनावों को एक नई ऊंचाई मिली। लोगों ने एक नए युग की शुरुआत की है और हम सभी इसके साक्षी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आप सभी ने मुझे नेता के रूप में चुना है, मैं इसे सिस्टम का हिस्सा मानता हूं, मैं आप में से एक हूं, आपके बराबर हूं।

उन्होंने कहा कि हम यहां उन लोगों के लिए हैं जिन्होंने आज हम पर भरोसा किया है। हम यहां उन लोगों के लिए भी हैं, जिनके भरोसे हमें जीतना बाकी है।

मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में यह पहली बार है कि संसद में इतनी बड़ी संख्या में महिला सांसद बैठी हैं। नारी शक्ति के कारण ही यह संभव हो पाया है।

उन्होंने कहा कि मैं संविधान के सामने झुकने के बाद आपसे बात कर रहा हूं, यहां किसी जनप्रतिनिधि के लिए 'भेद रेखा' नहीं हो सकती। हम उनके लिए हैं जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं जो हमारे साथ होंगे।

उन्होंने कहा कि मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूं, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी।

उन्होंने कहा कि देश में बहुत ऐसे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं जिन्होंने मंत्रीमंडल बना दिया है। सबका टोटल लगाएंगे तो शायद पचास सांसद रह जाएंगे जो मंत्री बनने की लिस्ट में नहीं हैं।

नरेंद्र मोदी 30 मई को देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में राजनाथ सिंह, प्रकाश सिंह बादल, नीतीश कुमार, सुषमा स्वराज, उद्धव ठाकरे, नितिन गडकरी, कोनराड संगमा और नेफ्यू रियो ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।


प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक पत्र सौंपा जिसमें कहा गया कि नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय दल का नेता चुना गया। एनडीए के घटक दलों के समर्थन के पत्र भी राष्ट्रपति को सौंपे गए।


भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 (1) के तहत राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया गया।

राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि वे केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य नियुक्त किए जाने वाले अन्य लोगों के नामों के बारे में उन्हें सलाह दें और राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और समय का संकेत दें।


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