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अग्निपथ योजना को लेकर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- रेजिमेंट सिस्टम से कोई छेड़छाड़ नहीं

देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (National Security Advisor Ajit Doval) ने अग्निपथ भर्ती योजना समेत अन्य आंतरिक सुरक्षा मुद्दों को लेकर एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी।

अग्निपथ योजना को लेकर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- रेजिमेंट सिस्टम से कोई छेड़छाड़ नहीं
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देशभर में हो रहे अग्निपथ योजना (Agnipath recruitment scheme) के विरोध के बीच लागातार सरकार की ओर से बयान जारी किए जा रहे हैं। पीएम मोदी से लेकर सेना के अधिकारी तक इस योजना को लेकर जानकारी दे रहे हैं। इसी बीच अब देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (National Security Advisor Ajit Doval) ने अग्निपथ भर्ती योजना समेत अन्य आंतरिक सुरक्षा मुद्दों को लेकर एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी।

समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से 40 मिनट के इंटरव्यू में अजीत डोभाल ने कहा कि सुरक्षा एक गतिशील अवधारणा है। यह स्थिर नहीं रह सकती। यह केवल उस वातावरण के संबंध में है। जिसमें हमें अपने राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करनी है। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि पूरा युद्ध एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हम संपर्क रहित युद्धों की ओर जा रहे हैं और अपने छिपे हुए शत्रु के विरुद्ध युद्ध की ओर भी जा रहे हैं। तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है। अगर हमें कल की तैयारी करनी है, तो हमें बदलना होगा।

अजीत डोभाल ने कहा कि मोटे तौर पर वे चार प्रमुखों के अंतर्गत आते हैं। इसके लिए उपकरणों की आवश्यकता है। इसके लिए प्रणालियों और संरचनाओं में बदलाव की आवश्यकता है। इसके लिए प्रौद्योगिकी में बदलाव की आवश्यकता है। इसके लिए जनशक्ति, नीतियों में बदलाव की आवश्यकता है और उन्हें भविष्यवादी होना चाहिए। इसे एक नजरिए से देखने की जरूरत है। अग्निपथ अपने आप में एक स्टैंडअलोन योजना नहीं है। 2014 में जब पीएम मोदी सत्ता में आए। तो उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाना था। इसके लिए कई रास्ते, कई कदम उठाए गए और उनमें से ये एक है।


डोभाल ने कहा कि एक और वर्ग है जिसका देश की शांति और सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। वे केवल उन मुद्दों की तलाश करते हैं, जहां भावुकता को बढ़ावा दिया जा सकता है। जो लोग अग्निवीर बनना चाहते हैं। वे इस तरह की हिंसा नहीं करते हैं। एनएसए के मुताबिक, कुछ लोग जिनकी पश्चिमी रुचियां हैं, वे कोचिंग चला रहे हैं, हमें अंदाजा था कि ऐसा होगा। लेकिन एक बार जब वे प्रदर्शन की सीमा पार कर जाएंगे, राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन जाएंगे तो सख्ती बरतनी होगी। लोकतंत्र में विरोध की अनुमति है। लेकिन अराजकता की बिलकुल भी नहीं है।

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