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नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्विस बैंक में काला धन जमा कराने वालों में आई कमी, भारत 77वें स्थान पर पहुंचा

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्विस बैंक में पैसा जमा कराने वाले लोगों में कमी आ गई है। आंकड़ों से मिली जानकारी के अनुसार, स्विस बैंक में पैसा जमा कराने वाले देशों की लिस्ट में भारत 77वें स्थान पर पहुंच गया है।

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्विस बैंक में काला धन जमा कराने वालों में आई कमी, भारत 77वें स्थान पर पहुंचा
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नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्विस बैंक में काला धन जमा कराने वालों में आई कमी, भारत 77वें स्थान पर पहुंचा

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्विस बैंक में पैसा जमा कराने वाले लोगों में कमी आ गई है। आंकड़ों से मिली जानकारी के अनुसार, स्विस बैंक में पैसा जमा कराने वाले देशों की लिस्ट में भारत 77वें स्थान पर पहुंच गया है। बता दें कि इससे पहले भारत 74वें स्थान पर था और अब तीन स्थान फिसलकर 77वें स्थान पर पहुंचा है। इसे काले धन के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।

आंकड़ों से मिली जानकारी

स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीय नागरिकों तथा कंपनियों के जमा धन के मामले में भारत तीन स्थान फिसलकर 77वें स्थान पर पहुंच गया है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी मिली है। इस सूची में ब्रिटेन पहले स्थान पर कायम है।

पिछले साल भारत इस सूची में 74वें स्थान पर था। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा जारी वार्षिक बैंकिंग आंकड़ों से पता चला है कि भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा धन जमा करने के मामले में भारत काफी निचले पायदान पर आता है। स्विस बैंकों में विदेशियों द्वारा जमा धन में भारतीयों का हिस्सा मात्र 0.06 प्रतिशत है।

ब्रिटेन के नागरिकों का कुल जमा धन 27 फीसदी

वहीं 2019 के अंत तक सूची में पहले स्थान पर रहने वाले ब्रिटेन के नागरिकों का कुल जमा धन में हिस्सा 27 प्रतिशत है। एसएनबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारतीय नागरिकों तथा कंपनियों (भारत में स्थित शाखाओं के जरिए जमा सहित) का स्विस बैंकों में जमा धन 2019 में 5.8 प्रतिशत घटकर 89.9 करोड़ स्विस फ्रैंक (6,625 करोड़ रुपए) रह गया।

स्विस बैंक में भारतीयों का जमाधन 6,625 करोड़ रु.

यह स्विस बैंकों की भारतीयों ग्राहकों के प्रति 'कुल देनदारी' है। इनमें भारतीय ग्राहकों के सभी तरह के खाते (व्यक्तिगत लोगों, बैंकों और कंपनियों की जमा खाते) शामिल हैं। ये आधिकारिक आंकड़े हैं जो बैंकों ने एसएनबी को दिए हैं। इनसे स्विट्जरलैंड में जमा भारतीयों के कालेधन का संकेत नहीं मिलता जिसको लेकर चर्चा होती रही है।

जमा धन में शीर्ष पांच देशों का हिस्सा 50 प्रतिशत

सूची में ब्रिटेन पहले स्थान पर है। उसके बाद अमेरिका दूसरे, वेस्ट इंडीज तीसरे, फ्रांस चौथे और हांगकांग पांचवें स्थान पर है। स्विस बैंकों में जमा कुल धन में शीर्ष पांच देशों का हिस्सा 50 प्रतिशत से अधिक है।

शीर्ष दस देशों की हिस्सा 66 फीसदी

वहीं शीर्ष दस देशों का हिस्सा 66 प्रतिशत से अधिक है। सूची में शीर्ष 15 देशों का हिस्सा 75 प्रतिशत और शीर्ष 30 देशों का हिस्सा करीब 90 प्रतिशत है। शीर्ष दस देशों में जर्मनी, लक्जमबर्ग, बहामास, सिंगापुर और केमैन आइलैंड भी शामिल है। सिर्फ 22 देश ऐसे हैं जिनका स्विस बैंकों में जमा धन में हिस्सा एक प्रतिशत या अधिक है। इनमें चीन, जर्सी, रूस, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, पनामा, इटली, साइप्रस, यूएई, नीदरलैंड, जापान और गर्न्जी शामिल हैं।

ब्रिक्स देशों में भारत सबसे नीचे

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों की बात की जाए, तो भारत सूची में सबसे निचले स्थान पर है। ब्रिक्स देशों में रूस सबसे ऊंचे पायदान 20वें स्थान पर है। 2018 में भी वह इसी स्थान पर था। चीन भी पिछले साल के समान 22वें स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका दो पायदान चढ़कर 56वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ब्राजील 62वें स्थान पर है।

सूची में भारत से ऊपर पायदान वाले देश

सूची में भारत से ऊपर वाले देशों में केन्या (74वें), मॉरीशस (68वें), न्यूजीलैंड (67वें) वेनेजुएला (61वें), यूक्रेन (58वें), फिलिपीन (51वें), मलेशिया (49वें), सेशेल्स (45वें), इंडोनेशिया (44वें), दक्षिण कोरिया (41वें), थाइलैंड (37वें), कनाडा (36वें), इस्राइल (28वें), तुर्की (26वें), मेक्सिको (26वें), ताइवान (24वें) सऊदी अरब (19वें), ऑस्ट्रेलिया (18वें), इटली (16वें), यूएई (14वें), नीदरलैंड (13वें), जापान (12वें) और गर्न्जी 11वें स्थान पर हैं।

सूची में ये पड़ोसी देश नीचे

कई पड़ोसी देश सूची में भारत से नीचे हैं। इनमें पाकिस्तान 99वें, बांग्लादेश 85वें, नेपाल 118वें, श्रीलंका 148वें, म्यामांर 186वें और भूटान 196वें स्थान पर हैं। इन सभी देशों की जमा में 2019 में गिरावट आई है।

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