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पाकिस्तान को फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झेलनी पड़ी शर्मिंदगी, चीन को भी लेना चाहिए सबक: विदेश मंत्रालय

रवीश कुमार का कहना है कि चीन को वैश्विक आम-सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके अलावा कहा कि चीन को भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए।

पाकिस्तान को फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झेलनी पड़ी शर्मिंदगी, चीन को भी लेना चाहिए सबक: विदेश मंत्रालय
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विदेश मतंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार कहा कि भारत ने पाकिस्तान और चीन को नसीहत दी है। भारत ने दोनों देशों के ये नसीहत इसलिए दी है क्योंकि पाकिस्तान ने चीन के जरिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाया और नाकाम रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रवीश कुमार ने यह भी कहा कि भारत के पड़ौसी देश पाकिस्तान ने द्विपक्षीय मसले पर बातचीत के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग किया लेकिन उसे एक बार फिर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है।

बंद डोर मीटिंग बिना किसी नतीजे के समाप्त

उन्होंने यह भी कहा कि चीन को इससे सबक लेना चाहिए और भविष्य में इस तरह के कदम से बचना चाहिए। यूएनएससी साफ शब्दों में कहा है कि यह द्विपक्षीय मसला है। पाकिस्तान को फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। अनौपचारिक बंद डोर मीटिंग बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

इस बात से मालूम हो गया है कि पाकिस्तान के द्वारा लगाए गए आरोपों में किसी भी तरह कि सच्चाई नहीं है। सब आरोप उसके बेबुनियाद हैं। इससे चीन को संदेश गया है कि भारत और पाक के बीच यदि कोई मुद्दा लंबित है तो इस पर द्विपक्षीय चर्चा होगी।

चीन को भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए

रवीश कुमार का कहना है कि चीन को वैश्विक आम-सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके अलावा कहा कि चीन को भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। वैश्विक आम सहमति है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा द्विपक्षीय है।

रवीश कुमार ने आगे कहा कि यह केवल चीन ही बता सकता है कि वह बार-बार ऐसा क्यों कर रहा है। हमारा मानना है कि चीन को इससे सबक लेने की जरूरत हो और आगे उसे ऐसे कदम से बचने की भी जरूरत है।

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