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मौसम की जानकारी: प्रयागराज और बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात, इन जिलों में अलर्ट जारी

इन दिनों गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसकी वजह से प्रयागराज और बिहार के कई जिलें बाढ़ के हालातों से जूझ रहे हैं।

मौसम की जानकारी: प्रयागराज और बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात, इन जिलों में अलर्ट जारीMausam ki Jankari increase ganga water level in Prayagraj and Bihar alert issued

इन दिनों गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से महज 70 सेंटीमीटर पीछे रह गया। नदियों के लाल निशान को पार करने की आशंका बढ़ती जा रही है। बाढ़ की भयानक स्थिति को देखकर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।

डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की एक टीम ने दारागंज से छोटा बघाड़ा के क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिया। सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी, एडीएम एफआर एमपी सिंह, एसडीएम सदर गौरव रंजन सहित तमाम अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया।


जिले में तैयार किया गया हैं 31 राहत शिविर-

1. प्रशासन ने जिले में 31 राहत शिविर बनाए हैं। जिसमें से रविवार को चार शिविरों में 200 से अधिक लोग पहुंच गए हैं।

2. जलस्तर बढ़ने के साथ ही सोमवार को नए लोग आएंगे।

3. राहत शिविरों में पहुंचे लोगों को घरों की सुरक्षा की भी चिंता है।

4. परिवार के एक सदस्य को मकानों में छोड़ा गया है। ऊपरी तल पर लोग गृहस्थी का सामान जुटाकर पहुंच गए।

5. बाकी लोग राहत शिविरों और रिश्तेदारों के यहां शरण लेने पहुंच गए हैं।

बिहार में गंगा नदी उफान पर

पटना की बात करें तो गंगा का जलस्रोत बढ़ता जा रहा है और खतरे के निशान से 4 सेंटीमीटर ऊपर है। इसी के साथ पटना राज्य की छह नदियां अभी लाल निशान से ऊपर हैं। इसके अलावा बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, अधवारा और घाघरा नदियां भी लाल निशान से ऊपर चली गई हैं। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को बक्सर में 48 सेमी, पटना के दीघा में 33 सेमी, गांधी घाट में एक मीटर चार सेमी, हाथीदह में 79 सेमी और कहलगांव में 47 सेमी लाल निशान से ऊपर हैं। आरा में भी गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

वैशाली में भी गंगा और गंडक के जलस्तर में उफान लगातार जारी है। राघोपुर दियारे के दर्जनों गांवों में घरों में पानी घुस गया है। वहीं, बागमती कई जगहों पर लाल निशान से नीचे आ गई है, लेकिन दरभंगा के बेनीबाद और सीतामढ़ी के कटौंझा में लाल निशान से ऊपर है। शुक्रवार को घाघरा नदी भी सीवान के सीसवन में लाल निशान को छूने लगी। वहीं सारण में भी गंगा, सरयू, गंडक व सोनके जलस्तर में उफान से दियारे जलमग्न हो गये हैं।

मुजफ्फरपुर-दरभंगा में संकट

उत्तर बिहार में गंगा और बागतमी को छोड़कर लगभग नदियों का जलस्तर कम होने के बावजूद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी है। समस्तीपुर के मोहनपुर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। शुक्रवार दोपहर गंगा का जलस्तर बढ़कर 47.03 मीटर पर चला गया, जो कि खतरे के निशान से 1 मीटर 53 सेंटीमीटर ऊपर है।

इधर, मोतिहारी-शिवहर पथ पर पानी का बहाव काफी कम हो गया है, लेकिन कीचड़ के कारण वाहनों की आवाजाही लगातार तीसरे दिन भी बंद रही। दरभंगा में कमला बलान का जलस्तर कम होने के बावजूद घनश्यामपुर के कुमरौल में बाढ़ का पानी गांवों में फैल रहा है। मोहनपुर में 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में और 16 सेमी की वृद्धि हुई है।

भागलपुर में एनएच 80 पर आवागमन बाधित

पटना के गंगा नदी में शुक्रवार को तीसरे दिन भी उफान बढ़ता रहा। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण कई गांवों में भी पानी फैल गया है। एनएच 80 पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित हो गया है। इसके अलावा मुंगेर, कटिहार, खगड़िया, आदि जिले के कई गांवों में गंगा का पानी फैल गया है।

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