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मौसम की जानकारी : गुजरात में चक्रवात 'वायु' का अलर्ट जारी, पाकिस्तान में मच सकती है तबाही

भारत में चक्रवाती तूफान 'वायु' गुजरात की ओर बढ़ रहा है। तूफान का नाम 'वायु' इस बार भारत ने रखा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 12 से 13 जून के अंदर तूफान गुजरात में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि हवा की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से है। वहीं गुजरात तक पहुंचते पहुंचते इसकी रफ्तार में बढ़ोतरी हो जाएगी।

मौसम की जानकारी : गुजरात में चक्रवात

भारत में चक्रवाती तूफान 'वायु' गुजरात की ओर बढ़ रहा है। तूफान का नाम 'वायु' इस बार भारत ने रखा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 12 से 13 जून के अंदर तूफान गुजरात में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि हवा की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से है। वहीं गुजरात तक पहुंचते पहुंचते इसकी रफ्तार में बढ़ोतरी हो जाएगी।

सौराष्ट्र में हवा की रफ्तार 110 से 135 किमी प्रति घंटे की होगी। वहीं पाकिस्तान के मौसम विज्ञानी अब्दुर राशिद का कहना है कि पाकिस्तानी तटीय इलाकों में इसका ज्यादा असर देखने को नहीं मिलेगा। वहीं इसकी वजह से यहां गर्मी जरूर बढ़ सकती है। आगे जाकर यह तूफान भयंकर रूप ले सकता है।

पाकिस्तानी मौसम विज्ञानी का कहना है कि तूफान की वजह से तटीय इलाकों में गर्मी बढ़कर 40 से 42 डिग्री तक जा सकती है वहीं मौजूदा तापमान 35 से 37 डिग्री है। उन्होंने बताया कि इस तूफान की वजह से कुछ दिनों तक गर्मी का कहर रहेगा, फिर मौसम सामान्य हो जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान में कुछ ऐसा ही साल 2015 में भी हुआ था। इसकी वजह से कराची में पांच दिनों तक भयंकर गर्मी पड़ी थी और करीब 5000 लोगों की मौत हो गई थी।

10 साल कोई भी चक्रवात गुजरात को हिट नहीं किया

चक्रवात फेट (2010)

मानसून आने से पहले औऱ मानसून जाने के बाद गुजरात हमेशा चक्रवात के प्रकोप में रहता है। हालांकि पिछले 10 सालों से ऐसा कभी नहीं हुआ जब चक्रवात सीधे तौर पर गुजरात को हिट कर सका हो। साल 2010 के जून माह में चक्रवात फेट गुजरात के पास आया था लेकिन ओमान की तरफ मुड़ गया और गुजरात से होकर पाकिस्तान की ओर मुड़ गया।

नौनक और नीलोफर (2014)

साल 2014 में गुजरात के निकट दो चक्रवातों ने दस्तक दी, जिसका नाम नौनक और नीलोफर था। मानसून से पहले ही नौनक ने गुजरात के पास जाकर माहौल बनाया लेकिन अरब सागर में ही समाप्त हो गया। इसी साल अक्टूबर माह में नीलोफर आया इसका भी अरब सागर में अंत हो गया।

चक्रवात ओखी (2017)

साल 2017 के नवंबर माह में चक्रवात ओखी आया। यह केरल और तमिलनाडु में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया। इस चक्रवात ने सैकड़ों लोगों की जानें ले ली। इसके बाद यह अरब सागर से होकर गुजरात की ओर बढ़ा। गुजरात में इससे निपटने के लिए सारी तैयारियां पहले ही कर लीं गईं थीं लेकिन ओखी भी गुजरात को बिना छुए निकल गया।

गुजरात में इमरेजेंसी सेवाएं अलर्ट पर

मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सौराष्ट्र और कच्छ में चक्रवात के चलते आंधी व तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में काफी नुकसान हो सकता है। इसके मद्देनजर आपातकालीन बैठक की गई। इसके बाद स्थानीय मछुआरों को भी चेतावनी जारी किया गया है। वायु के दबाव के कारण 12 से 14 जून के भीतर वेरावल, पोरबंदर, अमरेली, मांगरोल और जामनगर में चक्रवात आने की संभावना है। अगले 24 घंटों में यहां तूफान व बारिश हो सकती है।

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