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Mann Ki Baat: यहां पढ़ें पीएम मोदी के भाषण से जुड़े सभी अहम बातें, आत्मनिर्भर भारत के लिए क्या-क्या है जरूरी

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान नीट और जेईई एग्जाम को लेकर पूरे देश में चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा पर निशाना साधा।

Mann Ki Baat: यहां पढ़ें पीएम मोदी के भाषण से जुड़े सभी अहम बातें, आत्मनिर्भर भारत के लिए क्या-क्या है जरूरी
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के माध्यम से देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम ने NEET और JEE परीक्षाओं को रोकने के लिए प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है, सोशल मीडिया पर झूठी तस्वीरों के माध्यम से अफवाहें फैलायी जा रही हैं। कृपया ऐसी झूठी और फर्जी खबरों के झाँसे में न आयें।

मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी आम तौर पर ये समय उत्सव का है। जगह-जगह मेले लगते हैं, धार्मिक पूजा-पाठ होते हैं। कोरोना के इस संकट काल में लोगों में उमंग और उत्साह तो है ही, मन को छू लेने वाला अनुशासन भी है।

आगे कहा कि हम बहुत बारीकी से अगर देखेंगे, तो एक बात अवश्य हमारे सामने आएगी- हमारे पर्व और पर्यावरण। इन दोनों के बीच एक बहुत गहरा नाता है।

बिहार के पश्चिमी चंपारण में सदियों से थारू आदिवासी समाज के लोग 60 घंटे के लॉकडाउन, उनके शब्दों में '60 घंटे के बरना' का पालन करते हैं। प्रकृति की रक्षा के लिए बरना को थारू समाज के लोगों ने अपनी परंपरा का हिस्सा बना लिया है और ये सदियों से है।

ऋगवेद में मंत्र है- अन्नानां पतये नमः, क्षेत्राणाम पतये नमः अर्थात अन्नदाता को नमन है। किसान को नमन है। किसानों ने कोरोना जैसे कठिन समय में अपनी ताकत को साबित किया है।

हमारे देश में इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हुई है।।खिलौने जहां एक्टिविटी को बढ़ाने वाले होते हैं, तो खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं। खिलौने केवल मन ही नहीं बहलाते, खिलौने मन बनाते भी हैं और मकसद गढ़ने वाले भी होते हैं।

पीएम ने कहा कि हमारे देश में लोकल खिलौनों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। कई प्रतिभाशाली और कुशल कारीगर हैं, जो अच्छे खिलौने बनाने में महारत रखते हैं। भारत के कुछ क्षेत्र यानी खिलौनों के केन्द्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं।

वहीं आगे कहा कि ग्लोबल टॉय इंडस्ट्री 7 लाख करोड़ से भी अधिक की है। 7 लाख करोड़ रुपयों का इतना बड़ा कारोबार, लेकिन भारत का हिस्सा उसमें बहुत कम है। जिस राष्ट्र के पास इतने विरासत हो, परम्परा हो, क्या खिलौनों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम होनी चाहिए?

पीएम मोदी ने कहा कि खिलौनों के साथ हम दो चीजें कर सकते हैं - अपने गौरवशाली अतीत को अपने जीवन में फिर से उतार सकते हैं और अपने स्वर्णिम भविष्य को भी संवार सकते हैं।

भारतीयों के इनोवेशन और सलूशन देने की क्षमता का लोहा हर कोई मानता है और जब समर्पण भाव हो, संवेदना हो तो ये शक्ति असीम बन जाती है। हमारे यहां के बच्चे, हमारे विद्यार्थी, अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, अपना सामर्थ्य दिखा पाएं, इसमें बहुत बड़ी भूमिका न्यूट्रिशन की भी होती है। पूरे देश में सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा।

न्यूट्रिशन के इस आंदोलन में पीपल पार्टिसिपेशन भी बहुत जरुरी है। जन-भागीदारी ही इसको सफल करती है। पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में, देश में काफी प्रयास किए गए हैं। भारत एक विशाल देश है, खान-पान में ढेर सारी विविधता है।

इसीलिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हर क्षेत्र के मौसम, वहां के स्थानीय भोजन और वहां पैदा होने वाले अन्न, फल और सब्जियों के अनुसार एक पोषक डाइट होना चाहिए। बीते दिनों जब हम अपना स्वतंत्रता दिवस मन रहे थे, तब एक खबर पर मेरा ध्यान गया। ये खबर इंडियन आर्मी के डॉग्स सोफी और विदा की है। सोफी और विदा को अपने देश की सेवा करते हुए अपना कर्तव्य बखूबी निभाने के लिए सम्मानित किया गया है।

कारगिल विजय दिवस पर की थी चर्चा

इससे पहले बीते महीने को हुए मन की बात कार्यक्रम के दौरान पीएम ने अपने संबोधन में 'कारगिल विजय दिवस' की 21 वीं वर्षगांठ पर चर्चा की, पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह भारत के मैत्रीपूर्ण प्रयासों के जवाब में पीछे हटने का प्रयास करता है।

कोरोना में एकजुटता दिखाने की जरूरत

पीएम मोदी ने युवाओं से कारगिल युद्ध में सशस्त्र बलों की वीरता की कहानियों को दूसरों के साथ साझा करने का भी आग्रह किया था। कोरोनोवायरस संकट पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि देश को वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए एकजुट रहने की जरूरत है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मास्क पहनने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए और सामाजिक दूरी बनी रहनी चाहिए।

एक सितंबर से अनलॉक 4 के तहत दी जा रही छूट पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को अनलॉक 4 दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत मेट्रो ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से 7 सितंबर से सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। जबकि सितंबर तक 100 लोगों की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मंडलियों को अनुमति दी जाएगी।

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