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Mann Ki Baat : पढ़े पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण से जुड़ी खास बातें

पुलिस जिस तरह से हर मदद के लिए सामने आ रही है इससे पुलिसिंग का मानवीय और संवेदनशील पक्ष हमारे सामने उभरकर के आया है। हमारे पुलिसकर्मियों ने, इसे जनता की सेवा के एक अवसर के रूप में लिया है।

Mann Ki Baat : पढ़े पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण से जुड़ी खास बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने सबसे चर्चित प्रोग्राम मन की बात के जरिए देश के लोगों को संवोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के अलवा कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के अंतिम रविवार को देश की जनता से मन की बात कार्यक्रम के द्वारा अपने विचार साझा करते हैं। चलिए जानें हैं पीएम मोदी के भाषण से जुड़ी खास बातें..

पीएम मोदी के भाषण से जुड़ी खास बातें..

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के जरिए देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ पूरे देश के लोग लड़ रहे हैं। कोरोनावायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई लोगों से प्रेरित है। यह लड़ाई लोगों और प्रशासन द्वारा मिलकर लड़ी जा रही है। सैनिक के रूप में प्रत्येक नागरिक इस युद्ध को लड़ रहा है। हम भाग्यशाली हैं कि आज पूरा देश, देश का हर नागरिक, जन-जन इस लड़ाई का सिपाही है और लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है। आज पूरा देश, एक लक्ष्य, एक दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है। ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीजों ने जिन भावनाओं को जन्म दिया है। जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ-न-कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है।

* पूरे देश में,गली-मोहल्लों में,जगह-जगह पर आज लोग एक दूसरे की सहायता के लिए आगे आये हैं। गरीबों के लिए खाने से लेकर,राशन की व्यवस्था हो, लॉकडाउन का पालन हो,अस्पतालों की व्यवस्था हो, मेडिकल उपकरण का देश में ही निर्माण हो-आज पूरा देश,एक लक्ष्य, एक दिशा साथ-साथ चल रहा है। चाहे वो व्यापार हो, ऑफिस कल्चर हो, शिक्षा हो या मेडिकल सेक्टर सभी कोरोना वायरस की वजह से आए बदलावों के हिसाब से खुद को ढालते जा रहे हैं, तेजी से इनोवेट कर रहे हैं। देश के हर हिस्से में दवाईयों को पहुंचाने के लिए 'लाइफ-लाइन उड़ान' नाम से एक विशेष अभियान चल रहा है। हमारे इन साथियों ने इतने कम समय में देश के भीतर ही 3 लाख किलोमीटर की हवाई उड़ान भरी है और 500 टन से अधिक मेडिकल सामग्री देश के कोने-कोने में पहुंचाई है। संकट की इस घड़ी में दुनिया,समृद्ध देशों के लिए भी दवाईयों का संकट बहुत ज्यादा रहा है।अगर भारत दुनिया को दवाईयां न भी दे तो कोई भारत को दोषी नहीं मानता। हर देश समझ रहा है कि भारत के लिए भी उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों को बचाना है।लेकिन भारत ने अपनी संस्कृति के अनुरूप फैसला लिया।

* पुलिस जिस तरह से हर मदद के लिए सामने आ रही है इससे पुलिसिंग का मानवीय और संवेदनशील पक्ष हमारे सामने उभरकर के आया है। हमारे पुलिसकर्मियों ने, इसे जनता की सेवा के एक अवसर के रूप में लिया है। हम सबने इस सकारात्मकता को कभी भी नकारात्मकता के रंग से रंगना नहीं है। प्रकृति, विकृति और संस्कृति, इन शब्दों को एक साथ देखें और इसके पीछे के भाव को देखें तो आपको जीवन को समझने का भी एक नया द्वार खुलता हुआ दिखेगा। 'ये मेरा है', 'मैं इसका उपयोग करता हूं' बहुत स्वाभाविक माना जाता है। इसे हम 'प्रकृति' कह सकते हैं।

* हमारे समाज में एक और बड़ी जागरूकता ये आई है कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के क्या नुकसान हो सकते हैं। अब, ये थूकने की आदत को लोगों को छोड़ देनी चाहिए। ये बातें जहां बेसिक हाइजीन का स्तर बढ़ाएंगी, वहीं, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद करेगी। ये सुखद संयोग ही है, कि, आज जब आपसे मैं मन की बात कर रहा हूं तो अक्षय तृतीया का पवित्र पर्व भी है साथियो, 'क्षय' का अर्थ होता है विनाश लेकिन जो कभी नष्ट नहीं हो, जो कभी समाप्त नहीं हो वो 'अक्षय'।

* रमजान का भी पवित्र महीना शुरू हो चुका है। अब अवसर है इस रमजान को संयम, सद्भावना, संवेदनशीलता और सेवा-भाव का प्रतीक बनाएं। इस बार हम, पहले से ज्यादा इबादत करें ताकि ईद आने से पहले दुनिया कोरोना से मुक्त हो जाए। मुझे विश्वास है कि रमजान के इन दिनों में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना के खिलाफ चल रही इस लड़ाई को हम और मजबूत करेंगे।

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