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Lok Sabha Elections Results 2019: 'मोदी सूनामी' ने सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस को ने चटाई धूल

लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों में उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद एनडीए 62 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा को इस बार 49 प्रतिशत वोट मिले। 2014 लोकसभा चुनाव में 42.6 प्रतिशत मिले थे।

Lok Sabha Elections Results 2019:

लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों में उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद एनडीए 62 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा को इस बार 49 प्रतिशत वोट मिले। 2014 लोकसभा चुनाव में 42.6 प्रतिशत मिले थे। हालांकि, इस बार एनडीए को 2014 की तुलना में 11 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। यहां गठबंधन 17 सीट (बसपा- 11, सपा-5, रालोद-1) और कांग्रेस 1 पर आगे चल रही है। गठबंधन में बसपा को फायदा मिलता दिख रहा है। बसपा उप्र में पिछली बार खाता नहीं खोल पाई थी, इस बार पार्टी 11 सीटों पर आगे चल रही है।

कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर आगे है। उप्र में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं। 2014 में इनमें से एनडीए को 73 पर जीत मिली थी। मुलायम सिंह यादव ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया था। 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ। तब बसपा की कमान कांशीराम के पास थी। सपा 256 और बसपा 164 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। सपा को 109 और बसपा को 67 सीटें मिली थीं।

हालांकि, 2 जून 1995 को गेस्ट हाउस कांड के बाद यह गठबंधन टूट गया। तब लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती के साथ सपा समर्थकों ने बदसलूकी की थी। कांग्रेस और सपा 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ी थीं। हालांकि, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं किया गया है। गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली से उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था।

वहीं, कांग्रेस ने भी सात सीटें गठबंधन के लिए छोड़ दी थीं। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का महासचिव बनाया था। प्रियंका ने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पूर्वी उत्तरप्रदेश की लगभग हर सीट पर प्रचार किया।

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