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कैसे हुआ भाई-बहन के रिश्ते का खात्मा, जानें 17 सालों की पुरानी दुश्मनी

आजम खान और जया प्रदा के रिश्तों में तल्खी पहली बार 2009 के चुनाव में दिखी थी। तब से आज तक दोनों राजनेताओं के रिश्ते नहीं सुधरे।

कैसे हुआ भाई-बहन के रिश्ते का खात्मा, जानें 17 सालों की पुरानी दुश्मनी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामपुर से भाजपा प्रत्याशी जया की दुश्मनी मौजूदा चुनाव में रामपुर सीट को लेकर तो है कि लेकिन इसका इतिहास वर्षों पुराना है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने 17 साल पहले अपने चिर प्रतिद्वंदी नूर बानो को हराने के लिए जिस चेहरे का इस्तेमाल किया था आज उसी चेहरे को भाजपा ने उन्हीं के खिलाफ चुनावी रण में उतार दिया है। इस कारण बौखलाए आजम खान ने उन पर बेहद अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए बयान दिया है।

आजम खान के आपत्तिजनक बयान पर जया का कहना है कि इस बार उन्होंने सारी हदें पार कर दी है। उन्होंने कहा कि अब मेरी सहन शक्ति खत्म हो गई है और आजम ने इतनी दुश्मनी बढ़ा दी है कि अब वे मेरे भाई क्या, कुछ भी नहीं हैं।

कैसे टूटा भाई-बहन का रिश्ता

बताया जाता है कि दोनों नेताओं के बीच काफी पुरानी दुश्मनी है। रिश्तों में दरार 2009 से ही आ गई थी। दरअसल, मुलायम सिंह यादव ने जया प्रदा को तब रामपुर से उम्मीदवार बनाया था। जिसके कारण आजम खान बुरी तरह नाराज हो गए थे। तभी से वे पार्टी की लाइन से अलग होकर जया का खूब विरोध किए।

विरोध के बावजूद भी वे जया को हराने में सफल नहीं हुए। इस हार के बाद ही जया और आजम के रिश्ते और भी बिगड़ गए और उस समय ये बात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। चौतरफा आहत आजम ने सपा का दामन छोड़ दिया।

आजम पर जया की अश्लील तस्वीरें रामपुर में बांटने के आरोप लगे। इस चुनाव प्रचार में जया यह बात खुद ही दावा की हैं कि आजम खान कुछ भी कर सकते हैं उन्होंने मुझे बदनाम करने के लिए मेरी अश्लील तस्वीरें फैलाईं।

हालांकि, इस रिश्ते को मिटाने में अमर सिंह की बड़ी भूमिका मानी जाती है। सपा के तत्कालिन मुखिया मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह में उस समय बेहद करीबी रिश्ते थे। अमर सिंह के कहने पर आजम ने ही 2004 के आम चुनाव में जया को रामपुर से लड़वाया था जिसमें जया विजयी रहीं।

अमर सिंह और आजम में धीरे-धीरे मतभेद बढ़ने लगा जिसका असर जया और आजम के रिश्ते पर भी दिखाई पड़ा। फिर आया 2009 का आम चुनाव और उस चुनाव में रामपुर से जया को फिर से टिकट मिला। उन्हें टिकट मिलते ही आजम आगबबूले हो गए। यह नाराजगी टिकट से लेकर चुनाव लड़ने तक जया पर हावी रहा।

दोनों नेताओं के बीच बदजुबानी

दोनों नेताओं के तल्ख रिश्ते उनके बयानों से ही झलक जाते हैं। 2018 में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत आई थी, जया ने आजम की तुलना फिल्म के मुख्य विलेन खिलजी से किया था। आजम भी अक्सर उन्हें नचनिया कहकर संबोधित करते रहे हैं। हाल में ही जया ने एक सभा में बेहद भावुक होकर आजम के बयान की आलोचना की थी।

लोकसभा चुनाव 2019 में दोनों नेता एक बार फिर चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं तो बयानबाजी होना लाजिमी है। लेकिन आजम की ताजा टिप्पणी ने बयानबाजी की हर सीमा ही लांघ गई। जब उन्होंने अंडरवियर तक को लेकर अपने बयान में शामिल कर दिया।

वहीं जया अश्लील तस्वीरों को लेकर आजम पर आरोप लगाती रहीं हैं। इस बार बयानबाजी की सीमा पार हो जाने की वजह से आजम को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव आयोग, महिला आयोग व जिला प्रशासन ने आजम के बयान को संज्ञान में लिया है। अब चुनाव आयोग आजम पर कार्रवाई तय करेगी।

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