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जानें कौन है बलिया कांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह, यह है उसका बैकग्राउंड

उत्तर प्रदेश के बलिया में गोली कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को आखिरकार 4 दिन बाद एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। धीरेंद्र को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है।

जानें कौन है बलिया कांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह, यह है उसका बैकग्राउंड
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उत्तर प्रदेश के बलिया में गोली कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को आखिरकार 4 दिन बाद एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। धीरेंद्र को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। वह बीते 2 दिनों से नेताओं और वकीलों के संपर्क में था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, धीरेंद्र सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था। इसी के लिए वह लखनऊ आया हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आज रविवार को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने बलिया गोली कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

बलिया विधायक का करीबी

धीरेंद्र भारतीय जनता पार्टी का करीबी माना जाता है। इतना ही नहीं वह बीजेपी के फ्रंटल संगठन सैनिक कल्याण प्रकोष्ठ से भी जुड़ा हुआ है। वहीं बलिया से विधायक सुरेंद्र सिंह के बहुत करीबी माना जाता है। इतना ही नहीं उसने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में भी बीजेपी के समर्थन में खुलकर चुनाव प्रचार किया था।

सेना से रिटायर्ड है बलिया का मुख्य आरोपी

बीते 4 दिनों से वह नेताओं के संरक्षण में रहकर पुलिस के कब्जे में नहीं आया था। जानकारी के लिए बता दें कि धीरेंद्र सेना से रिटायर्ड है और उसके बाद उसने राजनीति में जाने का फैसला किया। जिसके बाद उसने भारतीय जनता पार्टी के संगठन के साथ जुड़कर काम कर रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि धीरेंद्र का बैकग्राउंड भारतीय सेना से रहा है। वह हवलदार के पद से रिटायर होकर राजनीति में आया। सेना में हवलदार पद से रिटायर होकर वह अपने गांव रहने चला गया और उसके बाद उसने वहीं से ही राजनीतिक पार्टी में घुसकर करियर की शुरुआत की। इसी के चलते उसके पास लाइसेंसी बंदूक भी थी। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह के लिए विधानसभा चुनाव में प्रचार किया था। सुरेंद्र धीरेंद्र के हर छोटे-बड़े आयोजन में पहुंचते थे।

बता दें कि बीते गुरुवार को बलिया में कोटे की दुकान के आवंटन के लिए एसडीएम, सीओ समेत कई अधिकारी मौजूद थे और इस दौरान फायरिंग कर एक शख्स की हत्या कर दी गई। जिसके बाद इन बड़े तमाम आला अधिकारियों के बीच से मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह फरार हो गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

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