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Kargil Vijay Diwas Information : कारगिल विजय दिवस से जुड़े 10 महत्वपूर्ण तथ्य

कारगिल विजय दिवस यानी वो महत्वपूर्ण दिन जब आधिकारिक रूप से पाकिस्तान पर भारत की वजय घोषणा हुई थी। भारत पाकिस्तान के बीच 60 दिनों तक चले इस युद्ध में कई सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसलिए 26 जुलाई को हर साल कारगिल युद्ध की पुण्यतिथि के रूप में शहीद की शाहदत को याद किया जाता है।

Kargil Vijay Diwas Information : कारगिल विजय दिवस से जुड़े 10 महत्वपूर्ण तथ्य
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kargil vijay diwas information

कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। साल 2019 में कारगिल विजय दिवस की 20वीं सालगिरह (20th Anniversary) है। 60 दिनों तक भारत और पाकिस्तान (India Pakistan) के बीच चलने वाले कारगिल युद्ध (Kargil War) में भारत (India) को जीत (Victory) हासिल हुई लेकिन इसमें सेना के सैकड़ों जवानों की शहादत ( Jawan Martyrs) हो गई थी, 26 जुलाई (26 July) के दिन को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान हेतु हर साल कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। भारत-पाक के बीच हुआ कारगिल युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 (26 July 199 ) को खत्म हुआ था। कारगिल युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है।

कारगिल युद्ध से जुड़े 10 महत्वपूर्ण फैक्ट्स

* भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध के बाद भी दोने देशों के बीच सैन्य संघर्ष होता रहा। लेकिन जब भारत और पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण किया तो तनाव और अधिक बढ़ गया। दोनों देशों के बीच जब तनाव अधिक बड़ा तो भारत और पाकिस्तान ने महा फरवरी 1999 में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। बता दें कि यह हस्ताक्षर लाहौर में किए गए थे। घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को बीतचीत के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए वादा किया गया था।


* इसके बाद भी भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान ने कश्मीर और लद्दाख के बीच की कड़ी को तोड़ना और भारतीय सेना को सियाचिन ग्लेशियर से हटाना के लिए अपने सैनिकों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार भेजने लगा। जिसे पाकिस्तान ने इस घुसपैठ को 'ऑपरेशन बंद्र' नाम दिया था।

* शुरुआत में तो इसे केवल घुसपैठ माना लिया गया था पर एलओसी में सर्चिंग के बाद घुसपैठियों के नियोजित रणनीति में अंतर मालूम हुआ। इसके बाद भारतीय सैना का अंदेशा हो गया कि कोई बड़े हमले की पाकिस्तान योजना बना रहा है।

* वैसे तो पाकिस्तान ने इस युद्ध की शुरुआत 3 मई 1999 को ही कर दी थी जब पाकिस्तान ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर करीब 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया था। लेकिन जब भारत सरकार को मालूम चला कि पाकिस्तान नेकारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा जमा लिया है तो 'ऑपरेशन विजय' चलाया गया था।


* उस समय घुसपैठिए ऊंचाई पर थे जबकि भारतीय सैना नीची पहाड़ी (डाउनहिल) थी इसलिए उनके लिए भारतीय सेना पर हमला करना बहुत आसान था। इस युद्ध में करीब 30 हजार भारतीय सैनिक और करीब 5 हजार घुसपैठिए शामिल थे। दोनों पक्षों के बीच युद्ध छिड़ गया।

* इंडियन एयरफोर्स ने पाक के खिलाफ लड़ाकू विमान मिग-27 और मिग-29 का भी इस्तेमाल किया था। लड़ाकू विमान की सहायता से जहां पर पाकिस्तान ने कब्जा किया था वहां बम गिराए गए। वहीं इंडियन एयरफोर्स ने मिग-29 की मदद से पाक के विभिन्न ठिकानों पर आर-77 मिसाइलों से हमला कर नष्ट कर दिया था।


* आखिरकार भारतीय सेना ने लगभग 60 दिनों तक युद्ध लड़ा और ऊंची पहाड़ियों की चौकी पर हमला कर पाकिस्तान को सीमा पार खदेड़ दिया। भारत ने कारगिल युद्ध पर जीत हासिल की और कारगिल की चोटियों पर जीत का तिरंगा फहरा दिया था।

* लगभग 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में भारत के करीब 527 जवानों की शाहद हो गई थी जबकि 1300 से अधिक घायल हुए थे।

* जानकारी के लिए बताते चले कि कारगिल इतनी ऊचाई पर है कि सांस लेने में बहुत अधिक दिक्कत आती है। यहां पर बहुत अधिक ठंड होती है और तापमान लगभग -48 से -50 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है। इस स्थिति में भारतीय सेना ने साहस दिखाते हुए 60 दिनों तक युद्ध लड़ा और पाकिस्तान को वहां से खदेड़कर अपना जीत परचम लहरा दिया।


* भारत-पाक के बीच हुआ कारगिल युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को खत्म हुआ था। कारगिल युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। हर साल 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान हेतु कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

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