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जानें करगिल हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा के शौर्य की वीर गाथा, लव ट्रायंगल रहा काफी रोमाचक

1999 में पाकिस्तान के साथ हुइ करगिल युद्ध के हीरो रहे 25 साल के कैप्टन विक्रम बत्रा की आज जयंती मनाई जा रही है। पाकिस्तान सेना को धुल चटाने वाले विक्रम बत्रा ने कहा था कि वो युद्ध में हारे या जीते वो तिरंगे में लिपट कर ही आएंगे। भारत ही नहीं पाकिस्तान में में उनको पाक सेना शेरखान के नाम से बुलाती है।

जानें करगिल हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा के शौर्य की वीर गाथा, लव ट्रायंगल रहा काफी रोमाचकKargil Hero Vikram Batra jayanti Full Story with love angel

1999 में पाकिस्तान के साथ हुइ करगिल युद्ध (Kargil War) के हीरो रहे 25 साल के कैप्टन विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) की आज जयंती मनाई जा रही है। पाकिस्तान सेना को धुल चटाने वाले विक्रम बत्रा ने कहा था कि वो युद्ध में हारे या जीते वो तिरंगे में लिपट कर ही आएंगे। भारत ही नहीं पाकिस्तान में में उनको पाक सेना शेरखान के नाम से बुलाती है। हिमाचल के पालमपुर के एक छोटे से गांव में 9 सितंबर 1974 को उनका जन्म हुआ।

विक्रम बत्रा का जीवन परिचय

सेना में कैप्टन रहे विक्रम बत्रा ने कारगिल युद्ध के दौरान एक शहीद का दर्जा पाया और इतना ही नहीं वो इस युद्ध के हीरो भी रहे। उनका जन्म 9 सितंबर 1974 को पालमपुर में हुआ। उन्होंने वहीं से साइंस में ग्रेजुएशन की उसके बाद वो सीडीएस की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान उन्हें हांगकांग से नौकरी का ऑफर याआ लेकिन देश सेवा के लिए नौकरी छोड़ दी।


पाक सेना ने सीने पर मारी थी कई गोलियां

उसके बाद उन्होंने सेना की 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में बतौर लेफ्टिनेंट बने और उसके बाद कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने शिखर से कहा था कि 'यह दिल मांगे मोर'। यह नारा तेजी से सेना में फैला और लोकप्रिय हो गया। कहते हैं कि कैप्टन नवीन को बचाने में विक्रम बत्रा शहीद हो गए थे। 7 जुलाई 1999 को पाक सेना ने सीने पर कई बार गोलियों की बौछार की थी।


मरणोपरांत मिला सबसे बड़ा सम्मान

इसके बाद उनको मरणोपरांत 1999 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनके इसी जज्बे ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल में 60 दिनों तक चला। इस दौरान कई वीर सपूत शहीद हुए और उनके बलिदान ने एक नया इतिहास रच दिया। युद्ध के दौरान 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे।


विक्रम बत्रा लव स्टोरी

लेकिन इसी बीच उनकी लव स्टोरी का एक किस्सा काफी रोचक रहा है। 1995 में पढ़ाई के दौरान उन्हें एक लड़की से प्यार हुआ और दोनों एक साथ एमए इंग्लिश से पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। इसी दौरान उनका 1996 में इंडियन मिलिट्री अकादमी में चयन हुआ और वो देहरादून चले गए। इस दौरान दोनों मिलते रहे और बातचीत चलती रही। लेकिन उन्होंने वादा किया था कि वो कारगिल युद्ध से वापस लौटते ही शादी करेंगे। लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया। वो देश की सेवा में लग कर कई मिशन पर काम करते हुए काफी व्यस्त रहे लेकिन दोनों समय मिलते ही मिला करते थे।

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