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Jai Prakash Narayan Jayanti 2019 : जेपी नारायण को इस आंदोलन के लिए आज भी किया जाता है याद, इंदिरा गांधी की उखाड़ फेंकी थी सत्ता

जयप्रकाश नारायण जयंती (Jai Prakash Narayan Jayanti 2019 ) : 1947 में भारत की आजादी के बाद जेपी नारायण 1960 के दशक के आखिरी दिनों में राजनीति में सक्रिय हो गए थे। जयप्रकाश नाराण ने वर्ष 1974 में बिहार में किसानों का एक विशाल आंदोलन खड़ा कर किया। जिसे आज भी याद किया जाता है।

Jai Prakash Narayan Jayanti 2019 : जेपी नारायण को इस आंदोलन के लिए आज भी किया जाता है याद, इंदिरा गांधी की उखाड़ फेंकी थी सत्ताJai Prakash Narayan 117th Jayanti revolutionary who brought down Indira Gandhi Govt

जयप्रकाश नारायण जयंती (Jai Prakash Narayan Jayanti 2019 ) : 11 अक्टूबर 1902 में बिहार के सारण जिले में जन्मे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 117वीं जयंती (Jayaprakash Narayan 117th Jayanti) है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और राजनेता रहे जयप्रकाश नारायण को पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू की बेटी और पूर्व पीएम गांधी के विरोध के लिए जाना जाता था।

बताया जाता है कि उनके आंदोलन की वजह से इंदिरा गांधी की सत्ता की जमीन खिसखने लगी थी। जयप्रकाश नारायण ने इंदिरा गांधी को पद से हटाने के लिए 'सम्पूर्ण क्रांति' नामक आंदोलन चलाया। जयप्रकाश नारायण को 1998 में मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मनित किया गया था। इसके अलावा उन्हें समाजसेवा के लिए 1965 में मैगसेसे पुरस्कार भी दिया गया था। पटना के हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखा गया है। दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अस्पताल 'लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल' भी उनके नाम पर है।

जयप्रकाश नारायण ने जन आंदोलन किया खड़ा

1947 में भारत की आजादी के बाद जेपी नारायण 1960 के दशक के आखिरी दिनों में राजनीति में सक्रिय हो गए थे। जयप्रकाश नाराण ने वर्ष 1974 में बिहार में किसानों का एक विशाल आंदोलन खड़ा कर किया। यह उनका यह आंदोलन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ थे। जयप्रकाश नाराण ने बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में जून 1974 को बड़ी सभा का आयोजन किया था।

जेपी नारायण ने इस आयोजन में 'सम्पूर्ण क्रांति' की घोषणा की थी। साथ ही जेपी नारायण ने भारत की अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक भ्रष्टचार, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और कई अन्य गंभीर मुद्दों को भी उठाया था। जेपी नारायण ने इस आंदोलन के जरिए इंदिरा सरकार को हिलाकर रख दिया था। इसी वजह से जेपी नारायण नेतृत्व में पीपुल्स फ्रंट ने गुजरात राज्य का चुनाव जीत लिया था।


जयप्रकाश नारायण की इंदिरा गांधी ने जेल भिजवाया

25 जून 1975 में इंदिरा गांधी ने भारत में आपातकाल का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद इंदिरा सरकार ने जयप्रकाश नारायण समेत 600 से ज्यादा विरोधी नेताओं को जेल में डलवा दिया था। इसके अलावा प्रेस पर भी पाबंदी लगा दी थी। जिस समय जयप्रकाश नारायण में थे उस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिस वजह से उन्हें सात महीने में ही जेल से रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर आने पर भी जेपी नारायण इंदिरा गांधी का विरोध करते रहे। जेपी नारायण के प्रयासो के चलते ही 1977 में हुए चुनावों में इंदिरा गांधी को हार का सामना करना पड़ा था।

जेपी नारायण का 1979 में हुआ निधन

8 अक्टूबर 1979 को जयप्रकाश नारायण का उनके निवास स्थान पटना में निधन हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक जेपी नारायण को हृदय और मधुमेह संबंधित बीमारी थी जिसके चलते उनका निधन हो गया था। जेपी नाराण को समाजसेवा के लिए 1965 में मैगससे पुरस्कार से नवाजा गया था और 1998 में उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मनित किया गया।

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