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बजट का इतिहासः जानें कब पेश किया गया पहला बजट, किसने सबसे ज्यादा बार पेश किया बजट, जानें महत्वपूर्ण बातें

भारत की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा यानि बजट। आइए आपको इसका इतिहास बताते हैं। बजट के इतिहास को मुख्यतः दो हिस्सो बांटा जा सकता है। एक ब्रिटिश भारत का बजट और दूसरा स्वतंत्र भारत का बजट।

बजट का इतिहासः जानें कब पेश किया गया पहला बजट, किसने सबसे ज्यादा बार पेश किया बजट, जानें महत्वपूर्ण बातें

भारत की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा यानि बजट। आइए आपको बजट का इतिहास बताते हैं। बजट के प्रकार : बजट को मुख्यतः दो हिस्सो बांटा जा सकता है। एक ब्रिटिश भारत का बजट और दूसरा स्वतंत्र भारत का बजट।

ब्रिटिश भारत में बजट

देश की आजादी से पहले भारत में पहली 18 फरवरी 1860 को बजट पेश किया गया था। इस बजट को भारतीय काउंसिल के वित्त सदस्य जेम्स विल्सन ने पेश किया था। विल्सन का काम आर्थिक मामलों पर सलाह देना था। जेम्स अर्थशास्त्र की पढ़ाई से पहले अपने परिवार का कारोबार में हाथ बटाते थे। जेम्स का परिवार हैट (टोपी) बनाने और बेचने के कारोबार में था।

आजाद भारत का पहला बजट

जबकि स्वतंत्र भारत का पहला बजट वित्त मंत्री आरके षणमुखम शेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। गणतंत्र भारत का पहला बजट 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया था।

संविधान में 'बजट' शब्द नहीं

देश के संविधान में 'बजट' शब्द का जिक्र नहीं है। सविंधान के अनुच्छेद 112 में इसे वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) कहा गया है। इस वित्तीय विवरण में प्रत्येक साल के लिए सरकार विस्तृत ब्योरा होता है।

हलवा सेरेमनी और कुछ महत्वपूर्ण बातें

वित्त मंत्रालय में बजट छपने के लिए भेजे जाने से पहला हलवा सेरेमनी निभाई जाती है। इसमें हलवा खाने की रस्म निभाई जाती है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने साल 1958-59 में बजट पेश किया। तब नेहरू के पास वित्त मंत्रालय भी था।

इंदिरा गांधी ने पहले वित्त मंत्री रूप में साल 1970 में बजट पेश किया था। जबकि मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बार बजट पेश किया था।

संसद सत्र के समय में बदलाव

साल 2000 तक अंग्रेजी परंपरा के मुताबिक शाम पांच बजे ही बजट पेश किया जाता था। इसके बाद केंद्र एनडीए की सरकार आई तो इसके समय में बदलाव कर सुबह 11 बजे से शुरू किया गया। साल 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था। साल 2017 से 1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा शुरू हुई।

इस साल 17 जून से बजट सत्र शुरू होगा जो 26 जुलाई तक चलेगा। मोदी सरकार-1 में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने एक फरवरी 2019 को पेश किया था।

चूकीं वो अंतरिम बजट था, इसलिए सरकार को दोबारा पूर्ण बजट पेश करना होता है। यही वजह है कि 17 जून से 26 जुलाई तक चलने वाले संसद सत्र को बजट सत्र कहा जा रहा है। मोदी सरकार इस बजट-सत्र में पांच जुलाई को पूर्ण बजट पेश करेगी।

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