Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Indian Air Force Day 2019: 8 अक्टूबर को हुई थी भारतीय वायुसेना की स्थापना, एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान के छुड़ा चुकी है छक्के

Indian Air Force Day 2019 (भारतीय वायुसेना दिवस)/ 8 अक्टूबर (8 October) को भारतीय वायुसेना अपना 87वां स्थापना दिवस (Foundation Day) मनाएगी। हर साल एयरफोर्स अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती है। वासुसेना पाकिस्तान (Pakistan) के भी कई बार छक्के छुड़ा चुकी है।

Indian Air Force Day 2019: 8 अक्टूबर को हुई थी भारतीय वायुसेना की स्थापना, एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान के छुड़ा चुकी है छक्केIndian Air Force Day 2019 established October 8 and Air Strike to Pakistan

Indian Air Force Day 2019 (भारतीय वायुसेना दिवस)/ हर साल 8 अक्टूबर (8 October) को भारतीय वायुसेना अपना स्थापना दिवस (Foundation Day) मनाती है। इस बार मंगलवार को वायुसेना दिवस के साथ दशहरे का त्योहार भी है। हर साल एयरफोर्स अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती है। वायुसेना की स्थापना आजाद भारत में नहीं बल्कि अंग्रेजों के वक्त में 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। तब इसका नाम 'रॉयल एयरफोर्स' था लेकिन बाद में देश आजाद होने के बाद साल 1954 में इसका नाम भारतीय वायुसेना रखा गया और रॉयल को हटा दिया गया।

वायुसेना की पहली उड़ान

सबसे पहले 1 अप्रैल 1933 पहली बार उड़ान भरी थी। इसमें तब 6 अधिकारी और 19 हवाई सिपाही थे। इसके बाद दूसरे विश्व युद्ध शुरू होने पर यह एकमात्र भारतीय वायुसेना का गठन रहा। हालांकि 1936 में कर्मियों की ताकत अब 16 अधिकारियों तक बढ़ गई थी। जिसमें पुरुषों की संख्या ज्यादा थी। 1939 में चैटफील्ड कमेटी द्वारा भारत की रक्षा से संबंधित समस्याओं के बारे में बताया गया।


रॉयल एयरफोर्स के वक्त ही धीरे धीरे इसकी ताकत को बढ़ाया गया और रक्षा में सहायता के लिए पांच उड़ानें बढ़ाने की योजना पर मुहर लगी। इनमें पांच उड़ानें मद्रास में नंबर 1, बॉम्बे में नंबर 2, कलकत्ता में नंबर 3, कराची में नंबर 4 और कोचीन में नंबर 5 पर स्थापित किया गया। इसी तरह वायुसेना में समय समय पर बदलाव होता गया और आजाद भारत के साथ ही भारतीय वायुसेना का जन्म हुआ। देश की हवाई सुरक्षा करने का पूरा जिम्मा वायुसेना पर है और आज दुनिया में चौथे नंबर पर भारतीय वायुसेना की गिनती होती है।

वायुसेना की सबसे बड़ी पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक

कश्मीर के पुलवामा ने भारी संख्या में जवानों पर हमला करने के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी कैंपों को निशाना बनाया था। जिसमें 300 आतंकियों के मारे जाने की खबर थी। बीते शुक्रवार को भारतीय वायुसेना ने एक प्रमोशनलर वीडियो जारी किया, जिसने पाकिस्तान में एक आतंकवादी कैंप को कैसे निशाना बनाया गया। एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी थी।

पाकिस्सान में घुसकर की कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों जवानों को निशाना बनाया था। एक कार को जवानों की बस से टक्कर मार कर ब्लास्ट किया गया था। हमले में चालीस सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद 26 फरवरी को वायुसेना के मिराज-2000 लड़ाकू जेट ने अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरी। फाइटर जेट्स ने जैश-ए-मोहम्मद की सबसे बड़े आतंकी कैंप पाकिस्तान के किबर पख्तूनवा में बालाकोट में बम गिराया।


इसके बाद अगले ही दिन पाकिस्तान ने भारत में अपने लड़ाकू विमानों को भेजा, जो एलओसी के पास दिखे। इसके तुरंत बाद वायुसेना ने अपने सुखोई एसयू-30 और मिग-21 लड़ाकू जेट को भेजा। हमले के दौरान वायुसेना ने पाकिस्तान के एफ-16 नीचे गिरा दिया। विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने मिग-21 की कमान संभालते हुए उसे निशाना बनाया गया। लेकिन वो भी घायल हो गए और पाकिस्तान में जा गिरे। लेकिन घबराए पाकिस्तान ने सिर्फ 48 घंटे के अंदर जवान को वापस भारत भेजने का फरमान दिया और अट्टारी बोर्ड पर सौंप दिया।

Next Story
Top