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बड़ी खबर: भारत-जाम्बिया के बीच हुए इन 6 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर, दोनों देशों के आपसी रिश्तों के बारे में जानिए

जाम्बिया के राष्ट्रपति एडगर छगवा लुंगू इन दिनों भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। बुधवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ मुलाकात की।

बड़ी खबर: भारत-जाम्बिया के बीच हुए इन 6 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर, दोनों देशों के आपसी रिश्तों के बारे में जानिए

जाम्बिया के राष्ट्रपति एडगर छगवा लुंगू इन दिनों भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। बुधवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ मुलाकात की।

दोनों देशों के प्रमुखों के बीच मुलाकात के दौरान छह समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।


इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जाम्बिया का संबंध जाम्बिया की स्वतंत्रता से भी पुराना है। यह भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र और भरोसेमंद साथी है। हम समान लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करते हैं और विकास के लिए संयुक्त महत्वाकांक्षा दोनों देशों को जोड़ती है।


वहीं जाम्बिया के राष्ट्रपति लुंगू ने कहा कि जाम्बिया के लोग भारत की ओर से मिलने वाले समर्थन के लिए आभारी हैं। मेरी यहाँ की यात्रा फल देने लगी है, हमने रक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, कला और संस्कृति, चुनाव के साथ-साथ हमारे 2 राजनयिक प्रशिक्षण संस्थानों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।


पीएम नरेंद्र मोदी और जाम्बिया के राष्ट्रपति एडगर चगवा लुंगु ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, विशेष रूप से व्यापार और निवेश, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण, अन्य क्षेत्रों में रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा पर मजबूत संबंधों पर व्यापक चर्चा की।


इससे पहले उन्होंने विदेश राज्य और संसदीय मामलों के मंत्री वी मुरलीधरन के साथ भी मुलाकात की। दोनों देशों ने आपसी बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के विचारों पर चर्चा की।


संयुक्त राष्ट्र में भारत का समर्थन

बता दें कि दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने केनेथ कौंडा और जाम्बिया को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित किया। साल 1998 में जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद और भारत के परमाणु परीक्षणों के मुद्दे पर जाम्बिया ने भारत का समर्थन किया। जबकि भारत ने जाम्बिया के आर्थिक और तकनीकी विकास का समर्थन किया है। यही नहीं जाम्बिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के लिए स्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया है।

राजनेताओं के दौरे

जाम्बिया के पूर्व राष्ट्रपति कौंडा, फ्रेडरिक चिलुबा और लेवी मवानवासा भारत का दौरा कर चुके हैं जबकि भारत की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जाम्बिया का दौरा कर चुके हैं।

दोनों देशों के बीच व्यापार

साल 2010 में भारत और जाम्बिया में 200 मिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था। भारत जाम्बिया के लिए फार्मास्यूटिकल्स, परिवहन उपकरण, प्लास्टिक और रसायन का निर्यात किया जाता है जबकि भारत जाम्बिया से कच्चे कपास, अर्द्ध कीमती पत्थर, अलौह धातु, कीमती पत्थर, अयस्को (तांबा और कोबाल्ट) का आयात करता है। दोनों देशों का लक्ष्य इस व्यापार को 1 बिलियन तक पहुंचाना है।

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