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भारत अक्टूबर तक स्थापित करेगा संयुक्त एयर डिफेंस कमांड!

नई दिल्ली (ब्यूरो)। लद्दाख में चीन के साथ जारी विवाद के बीच भारत अपनी हवाई निगरानी ताकत में लगातार इजाफा करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में अब वह एक संयुक्त एयर डिफेंस कमांड को गठित करने जा रहा है। यह कमांड देश की हवाई सीमा को दुश्मन की ओर से आने वाले लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, मिसाइलों और ड्रोन के प्रहार से महफूज रखेगी।

भारत अक्टूबर तक स्थापित करेगा संयुक्त एयर डिफेंस कमांड!
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प्रतीकात्मक तस्वीर

लद्दाख में चीन के साथ जारी विवाद के बीच भारत अपनी हवाई निगरानी ताकत में लगातार इजाफा करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में अब वह एक संयुक्त एयर डिफेंस कमांड को गठित करने जा रहा है। यह कमांड देश की हवाई सीमा को दुश्मन की ओर से आने वाले लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, मिसाइलों और ड्रोन के प्रहार से महफूज रखेगी। इस कमांड का प्रमुख वायुसेना का एक एयर मार्शल रैंक का तीन सितारा अधिकारी होगा। बतौर सीडीएस जनरल बिपिन रावत के कार्यभार संभालने के बाद सशस्त्र सेनाओं के बीच समन्वय व सामंजस्य बढ़ाने की दिशा में उठाया गया यह एक महत्वपूर्ण कदम है। सीडीएस ने इस बाबत बीते जनवरी महीने में यह घोषणा की थी कि एयर डिफेंस कमांड पहली नई एकीकृत कमांड होगी। जिसकी लंबे वक्त से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

एक कमांड से ऑपरेशनल संचालन

संयुक्त एयर डिफेंस कमांड के गठन के बाद सेना, वायुसेना और नौसेना के हवाई रक्षा उपकरण इसी कमांड के तहत समाहित हो जाएंगे और इसी की ऑपरेशनल कमांड में कार्य करेंगे। इस कमांड को इलाहाबाद (प्रयागराज) में वायुसेना की केंद्रीय कमांड के पास ही स्थापित किए जाने की संभावना है।

अभी तक दो एकीकृत कमांड

भारत के पास अभी तक केवल दो एकीकृत कमांड हैं। एक वर्ष 2001 में अंडमान निकोबार में स्थापित की गई ट्राई सर्विस थियेटर कमांड और 2003 में स्थापित की गई स्ट्रेजिक फोर्सेज कमांड मुख्य है। इसके अधिकार क्षेत्र में देश के परमाणु चालित सैन्य उपकरणों और हथियारों का ऑपरेशनल कंट्रोल आता है। इसके अलावा भारत में 17 अलग अलग सैन्य कमांड भी शामिल हैं। जिसमें सेना की 7, वायुसेना की 7 और नौसेना की 3 मुख्य हैं।

एकीकरण है प्रमुख योजना

रक्षा मंत्रालय की योजना मौजूदा भौगोलिक परिदृश्य में देश में अब एकीकृत सैन्य कमांड, थियेटर कमांड की स्थापना करना है। जो दुश्मन के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला कर सके। भारत के हवाई निगरानी उपकरणों में सतह से हवा में मार करने वाली स्पाइडर मिसाइल सिस्टम है, जिसकी रेंज 15 किमी़ है। 25 किमी़ की रेंज के साथ आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, 100 किमी़ की रेंज वाला बराक-8 मिसाइल सिस्टम मुख्य है। वायुसेना में 2021 के अंत तक रूस में निर्मित एडवांस एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम की 5 स्क्वॉड्रन शामिल की जाएंगी।

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