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करतारपुर कॉरिडोर पर बैठक खत्म, पाकिस्तान ने मानी भारत की कई शर्तें, बोले- इसका गलत इस्तेमाल ना हो

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच वाघा बार्डर पर चल रही बैठक संपन्न हो गई है। करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि 10,000 अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को विशेष अवसरों पर जाने की अनुमति दी जाए।

करतारपुर कॉरिडोर पर आज भारत-पाकिस्तान के बीच अहम बैठकindia pakistan bilateral meeting on kartarpur corridor at attari wagah

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच वाघा बार्डर पर चल रही बैठक संपन्न हो गई है। करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि 10,000 अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को विशेष अवसरों पर जाने की अनुमति दी जाए।

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आगे कहा कि सरकार को पूरा विश्वास है कि भारत गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती के शुभ अवसर पर करतारपुर गलियारे के माध्यम से तीर्थयात्रा शुरू करने के लिए तैयार होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान पक्ष ने अनुरोध के जवाब में हमारे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा भारत विरोधी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने भारत में डेरा बाबा नानक और आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ से संबंधित चिंताओं से अवगत कराया। जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी का तटबंध सड़क या कारण मार्ग पाक द्वारा उनके द्वारा बनाए जाने का प्रस्ताव है और इसे बनाया भी नहीं जाना चाहिए।

करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत की तरफ से हो रही प्रेस कॉन्फ्रेंस

- मो फैसल ने कहा कि बातचीत में 80 प्रतिशत और अधिक पर सहमति हुई है। लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए एक और बैठक हो सकती है।

- करतारपुर कॉरिडोर पर भारत- पाकिस्तान के बीच चल रही बैठक संपन्न हो गई है।

- करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि 10,000 अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को विशेष अवसरों पर जाने की अनुमति दी जाए। साथ ही, भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं, बल्कि OCI कार्ड रखने वाले भारतीय मूल (PIO) के लोगों को भी करतारपुर कॉरिडोर सुविधा का उपयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

भारत द्वारा अपनी तरफ से बनाए जा रहे पुल का विवरण साझा किया गया और पाकिस्तान से उनकी तरफ से पुल बनाने का आग्रह किया गया। यह बाढ़ संबंधी चिंताओं को दूर करेगा और सुगम तीर्थयात्रा सुनिश्चित करेगा।

- विदेश मंत्रालय पाकिस्तान के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास का स्वागत किया।

- डॉ मोहम्मद फैसल ने बताया कि करतारपुर कॉरिडोर के संचालन के लिए पाकिस्तान पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सहयोग कर रहा है। 70 प्रतिशत से अधिक गुरुद्वारा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। हमें आज उत्पादक चर्चा होने की उम्मीद है।

- बैठक में भारत और पाकिस्तान के 20-20 अधिकारी शामिल हैं।

- करतारपुर कॉरिडोर पर भारत- पाकिस्तान के बीच बैठक जारी है।

- भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास और विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (PAI- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान) दीपक मित्तल कर रहे हैं।

- वाघा (पाकिस्तान) में करतारपुर कॉरिडोर पर अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल अटारी बॉर्डर पर पहुंचा।


- वाघा (पाकिस्तान) में करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक शीघ्र शुरू होने वाली है। बैठक में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्रालय पाकिस्तान के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल की अध्यक्षता में 20 पाकिस्तानी अधिकारी का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंच गया है।


बता दें कि बीते साल करतारपुर कॉरिडोर को बनाने पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि कॉरिडोर को नवंबर 2019 में गुरुनानक देव जी के 550वें जन्मोत्सव तक पूरा कर लिया जाएगा। भारत सरकार इस प्रोजक्ट में 500 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

भारत सरकार के गृहमंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने चिंता व्यक्त की है कि पाकिस्तान के कमजोर सहयोग की वजह से प्रोजेक्ट में देरी न हो जाए। भारत अपने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को विशेष ध्यान में रखकर यह प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है।

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