Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

कश्मीर घाटी को लेकर एक्शन में अमित शाह, उठाएंगे ये बड़े कदम

वे जानते हैं कि कश्मीर पर बड़ा फैसला लेने का वक्त आ गया है। सुरक्षा बलों ने इसी साल में घाटी में 101 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है, जो हर महीने लगभग 20 का एवरेज है। इसके साथ ही 10 नए टॉप आतंकियों की सूची भी तैयार कर रखी है। इस लिस्ट में रियाज नाइकू और ओसामा का नाम भी शामिल है, जो उनके निशाने पर हैं। इनके खात्मे की खबर कभी भी आ सकती है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने आतंकियों की फंडिंग के रास्ते भी बंद कर रखे हैं।

कश्मीर घाटी को लेकर एक्शन में अमित शाह, उठाएंगे ये बड़े कदम

गृहमंत्री का पद संभालने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह कश्मीर को लेकर एक्शन में आ गए हैं। सोमवार को जहां शाह ने अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें जम्मू-कश्मीर पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं मंगलवार को उन्होंने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के गठन पर मंथन किया गया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी गृह मंत्री से मुलाकात की और राज्य के बारे में कई जानकारियां उन्हें दीं। उधर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर घाटी में टेरर फंडिंग के केस में अपना शिकंजा कस दिया।

एनआईए ने तीन प्रमुख अलगाववादी नेताओं आसिया आंद्राबी, शब्बीर शाह और मसरत आलम को गिरफ्तार कर दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया गया। लगातार दो दिनों से चल रही इस कवायद से स्पष्ट है कि कश्मीर मामला सरकार की प्राथमिकताओं में है और अमित शाह घाटी में पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की नीतियों पर अमल करने की तैयारी में हैं। यह समय की जरूरत भी है।

पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक से हमारे जवानों के हौसले बुलंद हैं। सरकार द्वारा खुली छूट दिए जाने के बाद वे आतंकवादियों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई बेहतरीन नतीजे दे रही है। अब आतंकी घुसपैठ पर नकेल लगी है तथा जो आतंकवादी भारत में घुसने में सफल हो रहे हैं, वे चंद दिनों में ही मारे जा रहे हैं। कश्मीर में जो घर के भेदी हैं, उन्हें भी सुरक्षा बल बख्श नहीं रहे हैं। अमित शाह इस हालात से अच्छी तरह से वाकिफ हैं।

वे जानते हैं कि कश्मीर पर बड़ा फैसला लेने का वक्त आ गया है। सुरक्षा बलों ने इसी साल में घाटी में 101 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है, जो हर महीने लगभग 20 का एवरेज है। इसके साथ ही 10 नए टॉप आतंकियों की सूची भी तैयार कर रखी है। इस लिस्ट में रियाज नाइकू और ओसामा का नाम भी शामिल है, जो उनके निशाने पर हैं। इनके खात्मे की खबर कभी भी आ सकती है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने आतंकियों की फंडिंग के रास्ते भी बंद कर रखे हैं।

सरकार ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उन दो मुंहे सांपों पर भी नकल कस रखी है जो हिज्बुल मुदाहिदीन, दुख्तरन-ए-मिल्लत और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर कश्मीर में दहशत फैलाने के लिए आतंकियों को आर्थिक मदद मुहैया करवा रहे थे। पुलवामा हमले बाद शब्बीर शाह, मीरवाइज उमर फारूक और कुछ अन्य अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा भी हटा ली गई थी।

सोमवार को जब अमित शाह ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई तो इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आईबी और रॉ चीफ, गृह सचिव समेत कई अन्य अफसर भी मौजूद थे। इस दौरान अमित शाह को घाटी में आतंकियों से निपटने के नए प्लान का सुझाव दिया। जस पर जल्द ही अमल किए जाने की तैयारी है। गृहमंत्री की लगातार हो रही बैठकों का एक मकसद यह भी है कि एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है।

inda आतंकी संगठन बौखलाहट में श्रद्धालुओं को निशान न बना पाएं, इसके लिए अमित शाह सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद करने में जुटे है। हालांकि अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद से ही कश्मीर को लेकर अनुच्छेद 370, 35ए का मुद्दा चर्चा में है। लेकिन फिलहाल यह मामला अदालत में होने के कारण सरकार पहले आतंक का खात्मा करने में लगी है। घाटी में शांति बहाली हो जाने के बाद कश्मीरी पंडितों की वापसी और अनुच्छेद 370, 35ए जैसे मुद्दा पर काम शुरू होगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि गृहमंत्री के प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

Loading...
Share it
Top