Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Haribhoomi-Inh News: क्या मौत का मातम झूठा है ? 'चर्चा' प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh Exclusive: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने राज्यसभा में केंद्र सरकार के उस बयान पर बातचीत की जिसमें कहा गया है कि देश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोई मौत नहीं हुई।

Haribhoomi-Inh News: क्या मौत का मातम झूठा है ? चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
X

Haribhoomi-Inh Exclusive: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने राज्यसभा में केंद्र सरकार के उस बयान पर बातचीत की जिसमें कहा गया है कि देश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोई मौत नहीं हुई। देश के कई राज्यों ने आंकड़े दिए जिसमें किसी ने नहीं कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हुई हो। लेकिन ऑक्सीजन की कमी को लेकर देश में जो माहौल सामने आया, वह क्या था। जिसके बाद विपक्ष भी सरकार पर निशाना साध रहा है और साथ ही सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई लोगों की मौत की तस्वीरें शेयर हो रही हैं।

कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने मध्य प्रदेश पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई, दिल्ली एम्स पूर्व डायरेक्टर डॉ. एमसी मिश्रा, आप प्रवक्ता आदिल अहमद खान, कांग्रेस वरिष्ठ नेत्री अलका लांबा से खास चर्चा की। खास कार्यक्रम के दौरान इन मेहमानों से कई सवाल पूछे...

क्या मौत का मातम झूठा है ?

'चर्चा'

बीते मंगलवार को राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोरोना के मामलों को लेकर जानकारी दी। राज्यसभा में सरकार ने कहा कि देश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद राज्यसभा में उठाए गए एक सवाल के जवाब में कहा।

मौत के आंकड़े छिपाने के आरोप पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े छिपाने का कोई कारण नहीं है। क्योंकि जो भी आंकड़े राज्य सरकारों के द्वारा दिए गए। उन्ही सभी को जोड़कर सरकार ने आंकड़े जारी किए। मृत्यु के मामलों का पंजीकरण राज्यों में होता है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोरोना मरीजों की मौत के बारे में कई मीडिया रिपोर्टें सामने आई थीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट सहित देश की विभिन्न अदालतों ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण मौत का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी।

Next Story