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Haribhoomi-Inh News: फिर घमासान, 'संसद' पर किसान ! 'चर्चा' प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ, पंजाब पर भी की बात

Haribhoomi-Inh Exclusive: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने एक बार फिर तीन कृषि कानूनों के विरोध को लेकर दिल्ली घुसने की इजाजत और सरकार के दावे समेत पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी और कैप्टन के आयोजन में शामिल होने को लेकर बातचीत की।

Haribhoomi-Inh News: फिर घमासान, संसद पर किसान ! चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ, पंजाब पर भी की बात
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Haribhoomi-Inh Exclusive: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने एक बार फिर तीन कृषि कानूनों के विरोध को लेकर दिल्ली घुसने की इजाजत और सरकार के दावे समेत पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी और कैप्टन के आयोजन में शामिल होने को लेकर बातचीत की। नमस्कार आप सभी का स्वागत है। हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में। आज हम कार्यक्रम में दो विषय पर बारी-बारी से चर्चा करेंगे। पहले चरण में हमारी बातचीत किसानों के संदर्भ में होगी। फिर घमासान संसद पर किसान। बीते 8 महीने से एक बड़ा मुद्दा देश के सामने खड़ा हुआ है। जिसमें देश भर के तमाम किसान दिल्ली की सीमा पर अभी भी डटे हुए हैं।

तीन कृषि कानून को रद्द करने के लिए अधिक है। कुल मिलाकर अभी सफलता कोसों दूर है। 8 महीने के संघर्ष के बाद दिल्ली पुलिस ने संसद के मानसून सत्र के दौरान 200 किसानों को दिल्ली में आने की एंट्री थी। जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत दी। इसके अलावा जंतर मंतर पर किसानों ने अपने-अपने संसद भी चलाई। हालांकि मीडिया को उसमें दाखिल होने की इजाजत नहीं दी गई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। वहीं दूसरी तरफ लोकसभा किसान मुद्दे को लेकर स्थगित हो गई। इसी मुद्दे को लेकर आज हम बातचीत करेंगे। आखिरकार 8 महीने के बाद किसान दिल्ली में दाखिल हुए। क्या वह किसान इस लड़ाई में कामयाब हो पाएंगे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ सरकार दावा करती है कि यह तीन कृषि कानून कृषि क्षेत्र में क्रांति ला देंगे। किसानों की भलाई के लिए कृषि कानून लाए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी को लेकर चर्चा की।

कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने किसान मुद्दे पर हरियाणा मंत्री कंवरपाल सिंह गुर्जर और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश, जबकि दूसरी तरफ पंजाब कांग्रेस में सिद्धू और कैप्टन को लेकर पंजाब पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला, वरिष्ठ पत्रकार प्रेम कुमार, पंजाब कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स से खास चर्चा की। खास कार्यक्रम के दौरान इन मेहमानों से कई सवाल पूछे...

फिर घमासान, 'संसद' पर किसान !

'चर्चा'

सिद्धू असरदार या कैप्टन ही 'सरदार' ?

'चर्चा'

किसान मुद्दा और पंजाब में सिद्धू की ताजपोशी

आठ महीने की भीषण सर्दी, असहनीय गर्मी और बारिश के बाद, तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान गुरुवार को संसद के करीब पहुंचे। जंतर मंतर पर किसानों के धरने का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा। जहां मानसून सत्र चल रहा है। अपनी मांगों को लेकर अभी भी किसान अडिग हैं कि सरकार कृषि कानूनों को खत्म करे। किसानों ने कहा कि हम अपने कई लोगों को खोकर यहां तक ​​पहुंचे हैं। हम लंबी दौड़ के लिए तैयार हैं। हम तैयार होकर आए हैं। भारतीय किसान संघ के हरपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना भगवा साफा अपने सिर के चारों ओर लपेटा था। इस बार हम सभी तैयार होकर संसद के करीब आए हैं।

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जंतर मंतर पहुंचने वाले किसानों के एक समूह के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बातचीत की और आंदोलन छोड़ बाचीत के लिए आग्रह किया। तोमर ने कहा कि देशभर के किसानों ने तीन कृषि कानूनों का समर्थन किया है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से विशेष अनुमति मिलने के बाद 200 किसानों का एक समूह संसद में चल रहे मानसून सत्र के बीच तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचा।

जबकि दूसरी तरफ पंजाब में 23 जुलाई को नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष बनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल होंगे। कार्यक्रम से पहले कैप्टन ने पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों और सांसदों को सुबह 10 बजे चाय पर बुलाया है। उसके बाद सभी विधायक और सांसद सिद्धू के राज्याभिषेक समारोह में जाएंगे। सिद्धू ने डीगढ़ में होने वाले कार्यक्रम को लेकर सीएम अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने नई टीम को आशीर्वाद देने के लिए बुलाया है। इस पत्र पर कांग्रेस के 56 विधायकों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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