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महाराष्ट्र के सियासी घमासान के बीच हफ्ते भर टला हरियाणा मंत्रिमंडल का गठन, शाह लेंगे फैसला

हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा जजपा की सरकार बन गई है लेकिन अभी तक कैबिनेट मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है। अमित शाह ही इसका फैसला करेंगे लेकिन अभी वो महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर व्यस्त हैं।

महाराष्ट्र के सियासी घमसान के बीच हफ्ते भर टला हरियाणा मंत्रिमंडल का गठन, शाह लेंगे फैसलामनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला

हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी और जजपा ने मिलकर सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के पास पेश किया। साथ ही मनोहर साल खट्टर और जजपा के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने सीएम और डिप्टी सीएम की शपथ ग्रहण की। तो वहीं मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर लगातार मंथन का दौर जारी है।

मंत्रिमंडल के गठन को लेकर दोनों पार्टियों के नेता कई दिनों से दिल्ली में अपना डेरा जमाए हुए हैं। दोनों पार्टियों ने मंत्रिमंडल को लेकर सारा होमवर्क पूरा कर लिया है साथ ही इस मंत्रिमंडल को लेकर बीजेपी के आला नेताओं के साथ एक बैठक भी होनी है।

इस बैठक का प्रतिनित्धव पार्टी हाईकमान अमित शाह करेंगे साथ ही अमित शाह मंत्रिमंडल पर अंतिम मुहार भी लगाएगें। अमित शाह महाराष्ट्र के सियासी घमसान में लगातार व्यस्त चल रहे हैं। जिसकी वजह से सीएम और डिप्टी सीएम की मुलाकात नहीं हो पा रही है।

मौजूदा सियासी घमसान के चलते सीए मनोहर लाल खट्टर ने सकेंत दिए हैं कि मंत्रिमंडल के गठन में अभी एक हफ्ते का और वक्त लग सकता है। मंत्रिमंडल गठन के बाद सरकार अपने काम की रफ्तार बढ़ाएगी।

हरियाणा में 24 अक्टूबर को जनादेश मिलने के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और बीजेपी ने राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद बीजेपी और जजपा ने मिलकर हरियाणा में सरकार बनाई। इसके साथ ही दिवाली के दिन सीएम मनोहर लाल खट्टर और जजपा नेता दुष्यंत चौटाल ने राजभवन में सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

इसके बाद मंत्रिमंडल में बीजेपी के कितने मंत्री होंगे, जजपा को मंत्रिमंड़ल में कितना हिस्सा मिलेगा और र्दलीय विधायक की मंत्रिमंड़ल में क्या भूमिका होगी। लिहाजा मंत्रिमंडल का गठन करना सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा के लिए एक'इम्तिहान'से कम नहीं है।

मंत्रियों के चयन के दौरान सहयोगी नाराज ना हों और मंत्रियों का चयन भी तमाम फैक्टर को ध्यान में रखकर किया जाए, इसके लिए मोर्चा अब भाजपा हाईकमान ने संभाला है। इन सभी निर्णयों पर अमित शाह से मुलाकात के बाद फैसला होगा। तो वहीं बताया जा रहा हैं कि हरियाणा के राज्यपाल भी अपने पारिवारिक कार्यक्रम के चलते प्रदेश से तीन चार दिन के लिए बाहर जा सकते हैं। जिसके वजह से मंत्रियों के शपथ ग्रहण में भी देरी हो सकती है।

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