Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Haribhoomi-Inh News: अधीर जुबान, सियासी घमासान, चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चर्चा के तहत हमारे विषय के केंद्र में अधीर जुबान, सियासी घमासान। जुबान बड़े संयम की चीज है।

Haribhoomi-Inh News: अधीर जुबान, सियासी घमासान, चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
X

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चर्चा के तहत हमारे विषय के केंद्र में अधीर जुबान, सियासी घमासान। जुबान बड़े संयम की चीज है। संयम छोड़ देती है तो कई प्रकार की परेशानियां भी होती हैं और कमोबेश वहीं कांग्रेस के साथ हो रहा है।

कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सदन के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबंध में एक गलत टिप्पणी कर दी। एक टीवी चैनल पर संवाददाता से बातचीत के दौरान उनके मुंह से निकल गया और वह शब्द भाजपा के द्वारा पकड़ लिया गया और ऐसा पकड़ लिया गया है कि आज संसद अलग-अलग हो गई। संसद में कोई काम नहीं हो सका। क्योंकि अधीर रंजन चौधरी के द्वारा दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने बवाल मचा दिया। भारतीय जनता पार्टी ने बताया कि यह एक शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, ना केवल एक बयान का बल्कि एक महिला की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया गया। यह एक आदिवासी महिला के साथ अपमान पूर्वक व्यवहार किया गया है।

कांग्रेस पार्टी और उसके नेता आदिवासी महिला के सर्वोच्च पद पर पहुंचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। स्वीकार नहीं कर पा रही है। इसलिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी कर रही है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि गलती हो गई, चूक हो गई है। मेरा ऐसा कोई आश्चर्य नहीं था। लेकिन उन्होंने कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा और कम से कम एक पार्टी से तो माफी नहीं मांगूंगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा से नहीं मांगूंगा। मांगूंगा भी तो व्यक्तिगत तौर पर राष्ट्रपति से मिलकर उनसे माफी मांग लूंगा।

लेकिन इन सबके बीच में एक परंपरा चली आ रही है। स्मृति ईरानी और गांधी परिवार के बीच में चल रही है। स्मृति ईरानी ने आज मुद्दा बनाते हुए तूल देने की कोशिश की तो सोनिया गांधी से उलझ पड़ीं। उन्होंने कह दिया 'not to talk to her' इसी के समर्थन में कुल मिलाकर एक सिंपल तरीके यह है कि एक नेता का बयान इतना बड़ा हो गया कि जिसके चलते संसद की पूरी कार्यवाही नहीं चल पाई। जो पिछले 4 दिन से नहीं चल पा रही है। बिल्कुल भी आज नहीं काम कर पाई। उसकी वजह थी महंगाई, अग्नि योजना, अन्य तमाम मुद्दे हैं। जनता से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रपति पर दिए गए बयान पर कहा कि जब तक माफी नहीं होगी तब तक पीछे नहीं हटेंगे। हम आज कार्यक्रम में कई मेहमानों के साथ हैं, जिनसे इस मामले पर उनकी राय जानेंगे...

अधीर जुबान, सियासी घमासान !

'चर्चा'

और पढ़ें
Next Story