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Haribhoomi-Inh News: 'दिखाया दम या निकला दम'? चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चर्चा के तहत आज हमारा विषय है 'दिखाया दम या निकला दम'? संदर्भ पंजाब में सरकार का परिवर्तन।

haribhoomi inh news editor in chief dr himanshu dwivedi discussion on Punjab Government Change and Capt Amarinder Singh news
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प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी 

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चर्चा के तहत आज हमारा विषय है 'दिखाया दम या निकला दम'? संदर्भ पंजाब में सरकार का परिवर्तन। इसमें किसने दम दिखाया और किसका निकल गया दम, ये ही अपने आप में सवाल है। क्या कांग्रेस हाईकमान ने अपना दम दिखाया या इस परिवर्तन को करने में उसका दम निकल गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना दम दिखाया या उनका दम निकल गया इस सियासत में? जानने में दिलचस्पी इस बात की भी है कि नवजोत सिद्धू इस पूरे खेल में अपना दम दिखा पाए या उनका दम निकल गया इस पूरे खेल को कराने में।

भाजपा के हिस्से में क्या आया या आगे की सियासत में क्या कुछ आ सकता है। आज इसी पर हम चर्चा करेंगे। समझने का प्रयास करेंगे कि जिस कांग्रेस पार्टी के प्रभारी महासचिव हरिश सिंह रावत ने दो सप्ताह पहले ही कहा था कि अगले चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही होंगा। वो चुनाव की बात तो छोड़ ही दें। अगले चुनाव का ऐलान होने से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह घर पर क्यों बैठा दिए गए? दूसरे इस सवाल को जानने में दिलचस्पी है कि जिन हरिश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में चुनाव की बात कही थी लेकिन वहां पर मुख्यमंत्री के तौर पर चेहरा बने हुए चरणजीत सिंह चन्नी की शपथ भी ठीक से नहीं हुई कि उससे पहले हरिश रावत का बयान आ गया कि अगले चुनाव की अगुवाई नवजोत सिंह सिद्धू करेंगे। तो चरणजीत सिंह चन्नी क्या करेंगे? इस बात को भी जानने में दिलचस्पी है। तीसरी इस बात को जानने में दिलचस्पी है कि कांग्रेस हाईकमान में वाकई अपना रसूक दिखाया या दम दिखाया या उसका दम निकल गया।

कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा ले पाए यहां तक तो बात ठीक है। लेकिन नया मुख्यमंत्री चुनने के संदर्भ में जिस तहर की फजीहत कांग्रेस पार्टी के होते हुए दिखी उस पर सवाल है। अंबिका सोनी सोनिया गांधी की बेहद करीबी हैं। वह सार्वजनिक तौर पर बयान दे रही हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री का ऑफर दिया गया है। साथ ही इसको मैंने ठुकरा दिया है। अस्वीकार कर दिया है। दूसरा नाम आया सुनील जाखड़ का शाम होते- होते सुरेंद्र सिंह रंधावा के नाम पर सहमति बनी। फिर नवजोत सिद्धू को एतराज हो गया। आखिर में चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर सहमति बनी। चौथी पसंद या पांची पसंद या छटी पसंद चरणजीत सिंह चन्नी के भरोसे पर क्या पंजाब की जनता अपनी पहली पसंद जाहिर करेगी?जानने में दिलचस्पी है। कुल मिलाकर 'किसका दम निकला या किसाने दम दिखाया' इसी पर हम चर्चा कर रहे है?

इस दौरान कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने आप प्रवक्ता डॉ संजीव शर्मा, पंजाब भाजपा प्रवक्ता अमनजोतकोर रामूवालिया, राजनैतिक विश्लेषक निशांत वर्मा, पंजाब कांग्रेस प्रवक्ता उदय सिंह राठौर के साथ बातचीत की। साथ ही इसको लेकर इन महमानों से सवाल पूछे।

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