Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Haribhoomi-Inh News: मुर्मू की जीत सत्ता दक्ष, टूटा विपक्ष!, चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, आज का हमारा विषय राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को लेकर है। राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति के तौर पर द्रौपदी मुर्मू कल निर्वाचित हो गईं। उनकी जीत पर कोई अचंभा भी नहीं हुआ है। जिस प्रकार का संख्या बल सदन में था। उसके अनुसार मुर्मू मत चुना जाना एक अचंभित करने वाला नहीं था।

Haribhoomi-Inh News: मुर्मू की जीत सत्ता दक्ष, टूटा विपक्ष!, चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
X

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, आज का हमारा विषय राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को लेकर है। राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति के तौर पर द्रौपदी मुर्मू कल निर्वाचित हो गईं। उनकी जीत पर कोई अचंभा भी नहीं हुआ है। जिस प्रकार का संख्या बल सदन में था। उसके अनुसार मुर्मू मत चुना जाना एक अचंभित करने वाला नहीं था।

लेकिन फिर भी चुनाव के परिणाम थोड़ी चौंकाने वाले हैं। दरअसल चौंकाने वाली बात यह है कि तमाम दलों ने अपना-अपना मत पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह किस प्रत्याशी के साथ हैं। 2 प्रत्याशी मैदान में थे। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के द्वारा घोषित द्रौपदी मुर्मू और वहीं दूसरी तरफ संयुक्त विपक्ष की एकता के प्रतीक बनकर उभरे यशवंत सिन्हा मैदान में थे।

लेकिन विपक्षी एकता सामने नहीं आई। चुनाव प्रचार के दौरान एक-एक करके सभी ने अपना वोट किया। यशवंत सिन्हा से लेकर द्रोपदी मुर्मू के साथ जाहिर। सबसे पहले बीजू जनता दल ने कहा कि हम ओडिशा की बेटी के साथ हैं। इसी की राह पर चले झारखंड मुक्ति मोर्चा के बाद अन्य दल भी तमाम दल साथ नजर आए। शिवसेना भी जो बता रही है कि भारतीय जनता पार्टी ने उसकी पीठ पर छुरा भोंका है। वह भी द्रोपदी मुर्मू का समर्थन करने के लिए मजबूर हो गई। द्रौपदी मुर्मू बहुत आराम से जीत गई। लेकिन जब रात को परिणाम सामने आए तो इसके साथ चौंकाने वाली बात यह है कि 17 सांसदों ने अपनी पार्टी के विपरीत जाकर क्रॉस वोटिंग की। क्रॉस वोटिंग का मतलब यह था कि उन्होंने यशवंत सिन्हा को छोड़कर द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट किया। सीधे तौर पर विपक्षी एकता को लगा झटका है।

इतना ही नहीं कई राज्यों के विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की और आंकड़े बता रहे हैं कि 138 विधायकों के द्वारा क्रॉस वोटिंग हुई। क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ा यह बहुत ही अपमानजनक है। खबर यहां तक आई है कि इस क्रॉस वोटिंग के चलते झारखंड में सरकार भी खतरे में आ गई है, तो इसी पर हम बातचीत करेंगे और समझने की कोशिश करेंगे। यही हृमारा विषय है कि मुर्मू की जीत सत्ता दक्ष, टूटा विपक्ष!। इसी पर हम चर्चा कर रहे हैंय...

मुर्मू की जीत सत्ता दक्ष, टूटा विपक्ष!

'चर्चा'



और पढ़ें
Next Story