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Haribhoomi-Inh News: 'चेहरों' में बदलाव, किस पर अगला दांव ? चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चेहरों' में बदलाव, किस पर अगला दांव..

Haribhoomi-Inh News: चेहरों में बदलाव, किस पर अगला दांव ? चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
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Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा में, चेहरों' में बदलाव, किस पर अगला दांव... जिसका संदर्भ भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगातार अपने मुख्यमंत्री बदलने से है। ताज़ा मसला गुजरात का है जहां गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने अपने पद से इस्तीरफा दे दिया। विजय रूपाणी पिछले छह महीनों में हटाए जाने वाले भाजपा के चौथे मुख्यमंत्री हैं।

सीएम विजय रुपाणी ने राज्य में होने वाले चुनाव से लगभग 15 महीने पहले शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले बीजेपी ने मार्च में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह लोकसभा सदस्य तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बना दिया था। तो जुलाई में मुख्यमंत्री बनाए जाने के चार महीने बाद ही तीरथ सिंह रावत को भी हटा दिया गया और दो बार के विधायक पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई। इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए कई मेहमान हमारे साथ जुड़े हुए हैं....

इस दौरान कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल, कांग्रेस प्रवक्ता गुरदीप सिंह सप्पल, आप प्रवक्ता आदिल अहमद खान, वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से बातचीत की।

'चेहरों' में बदलाव, किस पर अगला दांव ?

'चर्चा'

2022 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी के अचानक और आश्चर्यजनक रूप से इस्तीफे से पता चलता है कि भाजपा कांग्रेस की तरह है, जहां आलाकमान का हुक्म है। कर्नाटक और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के बदलाव के बाद अब गुजरात में भी सीएम बदल दिया गया। कांग्रेस की तरह, राज्य का नेतृत्व चुनने का हर अधिकार चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा एक-पंक्ति के प्रस्तावों को दरकिनार करते हुए आलाकमान को दिया जाता है।

नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए लोकसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत के 6 महीने बाद, झारखंड में पार्टी की वास्तविकता की जाँच हुई। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले गठबंधन से यह चुनाव हार गई। एक परिणाम जिसे पार्टी में कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री रघुबर दास की अत्यधिक अलोकप्रियता का हवाला देते हुए भविष्यवाणी की थी। चुनाव से पहले उन्हें सीएम पद से हटाने के लिए कुछ आवाजें उठीं। लेकिन वही हंगामे में गुम हो गईं। पार्टी हार गई। लेकिन इस बार पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।

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