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Haribhoomi-Inh News: 'चक्रव्यूह में अभिमन्यु' बीजेपी नेता नागेंद्र सिंह, 'चर्चा' प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ

Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा चक्रव्यूह में अभिमन्यु... चक्रव्यूह में अभिमन्यु में चक्रव्यूह में अभिमन्यु के तहत आज हम एक ऐसे किरदार के बारे में बातचीत करने जा रहे हैं। जो पहली बार 1985 में विधायक बने और अर्थात 37 साल पहले।

Haribhoomi-Inh News: चक्रव्यूह में अभिमन्यु बीजेपी नेता नागेंद्र सिंह, चर्चा प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ
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Haribhoomi-Inh News: हरिभूमि-आईएनएच के खास कार्यक्रम 'चर्चा' में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शुरुआत में कहा कि नमस्कार आपका स्वागत है हमारे खास कार्यक्रम चर्चा चक्रव्यूह में अभिमन्यु... चक्रव्यूह में अभिमन्यु में चक्रव्यूह में अभिमन्यु के तहत आज हम एक ऐसे किरदार के बारे में बातचीत करने जा रहे हैं। जो पहली बार 1985 में विधायक बने और अर्थात 37 साल पहले।

47 साल का लंबा राजनीतिक जीवन विधायक के तौर पर जीने के बाद आज भी उनके सम्मान में माननीय विधायक लगता है। उन्होंने उस दौरान राजनीतिक रूप से दल भी परिवर्तित किया। लेकिन उनकी हैसियत में कोई बदलाव नहीं आया। पूर्वर्ती दल में भी वह माननीय पूर्व विधायक के तौर पर हैसियत में थे और नए पार्टी में माननीय विधायक की हैसियत में रहे।

भिंड क्षेत्र में अपनी विनम्रता के साथ, अपने स्पष्टता के साथ, जनता के बीच पकड़ के लिए जाने गए। लेकिन राजनीतिक दल के अंदर अपनी पहचान क्यों नहीं बना पाए। यह एक पहेली है। उम्र के 8 दशक पूरा करने के लिए इस शख्स ने जीवन भर के तौर पर ही क्यों देखा गया। यह अजीब सी पहेली है। इस पहेली को ही समझाने की कोशिश आज हम इस कार्यक्रम में करने वाले हैं। आज हम बात कर रहे हैं भिंड क्षेत्र के प्रभावशाली नेता नागेंद्र सिंह के बारे में। नागेंद्र सिंह ने अपना राजनीतिक जीवन कांग्रेस से शुरू किया था।

हालांकि इससे 10 साल पहले ही छात्र राजनीति के द्वार पर ही नगर पालिका का चुनाव जीता। उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई। वह 4 बार जनता के समर्थन पाने में कामयाब रहे। उन्होंने चार बार विधायक का चुनाव जीता। लेकिन अपने राजनीतिक दल का विश्वास जीत पाने में वह क्यों नाकाम रहे, यह एक पहेली है। जिसे सुलझाने की बुझाने की कोशिश आज हम इस कार्यक्रम में कर रहे हैं। समझने की कोशिश करेंगे कि क्या यह सब राजनीति की बिसात पर यह सब केवल अभिमन्यु के तौर पर ही पहचाना जाएगा या इस के संदर्भ में अभिमन्यु इधर से इधर अर्जुन होने की संभावना के तौर पर भी देखा जा सकेगा। इस पर बातचीत करने के लिए हमारे साथ कुछ खास मेहमान इस कार्यक्रम में जुड़े हुए हैं....

यहां देखें पूरा कार्यक्रम

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