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GST Council Meeting: निर्मला सीतारमण बोलीं, वित्त वर्ष 2020-21 में जीएसटी कलेक्शन में आई 2.35 लाख करोड़ की कमी

GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीएसटी कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ की आशंका जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने राज्यों को मुआवजा राशि देने के मामले में दो विकल्पों पर भी चर्चा की।

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GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीएसटी कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ की आशंका जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने राज्यों को मुआवजा राशि देने के मामले में दो विकल्पों पर भी चर्चा की।

जीएसटी कलेक्शन में आई 2.35 लाख करोड़ की कमी

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना की वजह से एवं अन्य कारणों से जीएसटी कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने राज्यों को मुआवजा राशि देने के लिए भी दो ऑप्शन दिए हैं।

1. जीएसटी काउंसिल राज्यों को एक स्पेशल विंडो उपलब्ध कराएगी। इसके जरिए एक उचित दर पर आरबीआई से 97000 रुपये की राशि राज्यों को दी जाएगी।

2. राज्य दूसरे विकल्प के तौर पर पूरे क्षतिपूर्ति अंतर को, जो कि इस साल के लिए 2 लाख 35 हजार करोड़ है, आरबीआई से परामर्श के साथ पूरा करेगी।

सात दिनों का दिया गया है वक्त

उन्होंने कहा कि राज्यों को विकल्प के चुनाव के लिए सात दिनों का वक्त दिया गया है। हालांकि ये विकल्प इस वित्त वर्ष के लिए ही लागू होगा। स्थिति को अगले साल फिर से रिव्यू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एक बार जीएसटी काउंसिल द्वारा व्यवस्था पर सहमति हो जाने के बाद हम इन बकाया राशि को तेजी से आगे बढ़ा सकते हैं और बाकी वित्तीय वर्ष का भी ध्यान रख सकते हैं। ये विकल्प केवल इस वर्ष के लिए उपलब्ध होंगे; अप्रैल 2021 में, परिषद 5 वें वर्ष के लिए कार्रवाई की समीक्षा और निर्णय करेगी

ट्रांजिशन पीरियड का किया जाना है भुगतान

वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि जैसा कि मार्च में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री ने उल्लेख किया था, मामले की कानूनी राय भारत के अटॉर्नी जनरल से मांगी गई। उन्होंने कहा है कि जुलाई 2017 से जून 2022 तक ट्रांजिशन पीरियड के लिए जीएसटी मुआवजे का भुगतान किया जाना है।

अप्रैल और मई में नहीं था कोई जीएसटी कलेक्शन

उन्होंने कहा कि अप्रैल-जुलाई 2020 के दौरान भुगतान किए जाने वाले कुल जीएसटी का मुआवजा 1.5 लाख करोड़ रुपये है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अप्रैल और मई में शायद ही कोई जीएसटी संग्रह था।

उन्होंने कहा कि वार्षिक जीएसटी मुआवजे की आवश्यकता लगभग 3 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है और उपकर कलेक्शन लगभग 65,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इससे हमें 2.35 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक मुआवजा अंतर मिलेगा।


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