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केंद्रीय वित्त मंत्री का GST की बैठक से पहले बड़ा ऐलान, सेंसेक्स में आया तेजी से उछाल

गोवा के पंजी में जीएसटी काउंसिल (GST council) की 37वीं बैठक से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक मंदी से उभरने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बैठक मेंं कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का प्रस्ताव रखा।

केंद्रीय वित्त मंत्री का GST की बैठक से पहले बड़ा ऐलान, सेंसेक्स में आया तेजी से उछालGST council meeting auto sector Nirmala Sitharaman Goa live

देश में नजर आ रहे आर्थिक संकट के बीच गोवा में जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 37वीं बैठक से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक मंदी से उभरने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बैठक मेंं कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का प्रस्ताव रखा।

जीएसटी की बैठक से पहले बड़ा फैसला

निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में आर्थिक मंदी और विकास को बढ़ा देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। साल 2019-20 से आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान जुड़ा गया है। जो किसी भी घरेलू कंपनी को 22 फीसदी आयकर का भुगतान करने की इजाजत देता है। इस नियम के तहत अब कोई प्रोत्साहन या छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

एफएम निर्मला सीतारमण: ऐसी कंपनियों को राहत देने के लिए जो प्रोत्साहन या छूट प्राप्त करना जारी रखती हैं, यहां तक कि उनके लिए हम न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) राहत दे रहे हैं, MAT दर मौजूदा 18.5% से 15% तक कम हो गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन कंपनियों के लिए प्रभावी कर की दर सभी अधिभार और उपकर को मिलाकर 25.17 फीसदी होगी। बढ़ा हुआ अधिभार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के हाथों में डेरिवेटिव सहित किसी भी सुरक्षा की बिक्री पर होने वाले पूंजीगत लाभ पर लागू नहीं होगा।

सेंसेक्स में आया उछाल

जीएसटी की बैठक से पहले वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉरपोरेट को लेकर आए फैसले के बाद शेयर बजार में उछाल आया है। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद पहली बार सेंसेक्स में उछाल देखा गया है। सेंसेक्स 1600 अंकों की बढ़त के साथ 37,767.13 पर पहुंचा।

हालांकि, इससे पहले बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी रांची में कह चुके हैं कि काउंसिल का ऐसा कोई इरादा नहीं है उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, कि कई राज्यों के वित्त मंत्रियों से बात हुई है लेकिन कोई भी राज्य ऑटो, बिस्किट या मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में टैक्स छूट के लिए तैयार नहीं है 45 हज़ार करोड़ राजस्व नुकसान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल ऑटो सेक्टर में किसी प्रकार की रियायत देने का काउंसिल का कोई इरादा नहीं है।

गौरतलब है कि इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा था कि जीएसटी टैक्स स्लैब में किसी भी कटौती का निर्णय सिर्फ जीएसटी काउंसिल कर सकती है।

मगर सरकार के सामने बड़ा सवाल यह है कि 45 हजार करोड़ का घाटा कैसे पूरा होगा? एक तरफ जहां सरकार टैक्स कलेक्शन के अपने टारगेट को पूरा नहीं कर पा रही, वहीं दूसरी तरफ मंदी की मार झेल रहे ऑटो समेत कई सेक्टर टैक्स में राहत की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकार क्या निर्णय लेती है।


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